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बाढ़ग्रस्त नदी में 16 घंटे तक मौत से जंग लड़ता रहा आदिवासी युवक

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(बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा)

नाव पलटने से फंस गया था शबरी नदी की बाढ़ में 
 हेलीकाप्टर से रेस्क्यू किया गया युवक हिड़मा का 

जगदलपुर। वह है तो कुशल तैराक, मगर नदी की बाढ़ के आगे उसकी एक न चली। पूरी रात वह बाढ़ग्रस्त शबरी नदी के बीचों बीच फंसा रहा, 16 घंटे उसने मौत से जंग लड़ते हुए मुसीबतों के बीच गुजारे। जब उसे निकालने की सारी कोशिशें नाकाम हो गईं तब रेस्क्यू के लिए हेलीकाप्टर की मदद ली गई और सोलह घंटे के संघर्ष पर 16 मिनट में ही विराम लग गया। हेलीकाप्टर के जरिए आदिवासी युवक सोढ़ी हिड़मा को सफलता पूर्वक बाहर निकाल लिया गया। फिलहाल उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।


घटना बस्तर संभाग के सुकमा जिले के तेलावर्ती इलाके की है। 16 घंटे तक बाढ़ में फंसा रहा युवक सोढ़ी हिड़मा ओड़िशा के मलकानगिरी जिले के मटेर गांव का निवासी है। वह शबरी नदी के सुकमा जिले में स्थित तेलावर्तीमें घाट पर नाव के जरिये सवारी परिवहन कर आजीविका चलाता है। तैराकी में माहिर सोढ़ी हिड़मा शबरी नदी के चप्पे चप्पे और तेवर से भलीभांति परिचित भी है। रविवार रात करीब 8 बजे वह काम खत्म कर नाव को बांधने के लिए ले जा रहा था, तभी नाव तेज बहाव में पलट गई। सोढ़ी हिड़मा तैरना जानता है, इसलिए वह बहाव को काटते हुए झाड़ियों के झुंड के पास पहुंच गया। पूरी रात और आज दोपहर तक वह झाड़ियों को पकड़ कर जान बचाने के लिए जूझता रहा। युवक के नदी में फंसे होने की खबर मिलने पर आज सुबह जिला प्रशासन के अधिकारी होमगार्ड और एसडीआरएफ की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। सोढ़ी हिड़मा को नदी से निकालने की हर चंद कोशिश की गई, लेकिन कामयाबी नहीं मिली, तब हेलीकाप्टर बुलाया गया, हेलीकाप्टर की मदद से 15-16 मिनट में ही सोढ़ी हिड़मा का रेस्क्यू कर लिया गया। फिलहाल हिड़मा का सुकमा जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है और उसकी स्थिति बेहतर बताई जा रही है। बताया गया है कि सुकमा जिला मुख्यालय से लगे तेलावर्ती इलाके में रविवार रात 8 बजे मटेर निवासी सोढ़ी हिड़मा अपना काम कर वापस घर नाव से लौट रहा था। अचानक शबरी नदी में तेज बहाव के कारण उसकी छोटी सी नाव पलट गई। उसके बाद वह पानी के तेज बहाव में तैरने की कोशिश करता रहा लेकिन पानी ज्यादा और बहाव तेज होने के कारण वह डूबने लगा। पास के एक छोटे से पेड़ को पकड़ कर वह रातभर वहीं डटा रहा। सुबह आज तेलावर्ती पंचायत के नाड़ीगुफा गांव के लोग वहां मछली पकड़ने पहुंचे तो आवाज सुनाई दी उसके बाद ग्रामीणों ने तत्काल प्रशासन को सूचना दी। सुबह 8 बजे पुलिस प्रशासन और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। होमगार्ड के जवानो ने नाव के जरिए सोढ़ी हिड़मा के पास पहुंचने की कोशिश की लेकिन वहां पत्थर ज्यादा और बहाव तेज होने के कारण नाव नहीं पहुंच रही थी। उसके बाद उड़ीसा का भी बचाव दल पहुंचा। दोनों टीमें और सीआरपीएफ के जवानों ने रस्सी के सहारे मानव श्रृंखला बनाकर उसे बचाने की कोशिश की लेकिन नाकाम रहे। उसके बाद हेलीकाप्टर को बुलाया गया। जगदलपुर से सेना का एमआई 17 हेलीकाप्टर दोपहर 2 बजे पहुंचा, हेलीकाप्टर से एक जवान रस्सी के सहारे नीचे उतरा उसके बाद फंसे हुए व्यक्ति को अपने साथ उपर हेलीकाप्टर में लेकर चला गया। फंसे हुए व्यक्ति को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया जहां उसका उपचार चल रहा है। वही इस दौरान एसपी अभिषेक वर्मा, एसडीओपी परमेश्वर तिलकवार, तहसीलदार अंबर गुप्ता, थाना प्रभारी शिवानंद तिवारी समेत सीआरपीएफ के अधिकारी और नगर सैनिक मौजूद रहे।

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