भरतपुर संवाददाता – जवाहर यादव
भरतपुर जिले के वनांचल क्षेत्र ग्राम पंचायत ओहनिया के अंतर्गत स्थित प्राथमिक शाला ओदारागाड़ई में बरसात के मौसम में बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विद्यालय परिसर में बने शौचालयों की हालत बेहद खराब है। दो शौचालय बनाए तो गए हैं, लेकिन दोनों ही उपयोग लायक नहीं हैं। उनमें कचरा भरा हुआ है और न साफ-सफाई है, न ही रख-रखाव। ऐसे में छोटे-छोटे बच्चों को बाथरूम के लिए जंगल की ओर जाना पड़ता है।
मौजूदा बरसात के मौसम में बच्चों और अभिभावकों की चिंता और बढ़ गई है। शौचालयों में गंदगी और लापरवाही के कारण बच्चों को अंदर जाने से डर लगता है, क्योंकि सांप-बिच्छू जैसे जहरीले जीव-जंतु मिलने का खतरा बना रहता है।

एक तरफ सरकार स्वच्छ भारत अभियान और स्कूलों में स्वच्छता की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ इस प्राथमिक शाला के शौचालयों की बदहाल स्थिति व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या का समाधान करेंगे या सिर्फ खानापूर्ति कर मामला रफा-दफा कर देंगे।









