(भरतपुर संवाददाता – जवाहर यादव)
भरतपुर: वनांचल क्षेत्र की ग्राम पंचायत ओहनिया के ग्रामीण आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। यहाँ के लोग 15वें वित्त आयोग की मूलभूत योजनाओं का लाभ नहीं पा रहे हैं।
गाँव की सड़कों की स्थिति इतनी खराब है कि बारिश के दिनों में कीचड़ से होकर गुजरना मुश्किल हो जाता है। टो प्राथमिक शाला ओदारा गाडई सहित कई मोहल्लों को जोड़ने वाला मार्ग पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। सड़क पर गड्ढे और कीचड़ होने से शिक्षक, बच्चे, राहगीर और आमजन सभी परेशान हैं।

स्थिति इतनी खराब है कि बरसात में एंबुलेंस तक गाँव नहीं पहुँच पाती। गर्भवती महिलाओं और बीमार लोगों को समय पर इलाज मिलना मुश्किल हो जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि जहां डामरीकरण खत्म हुआ है, वहीं से सड़क टूटनी शुरू हो जाती है और खराब होकर सीधे स्कूल तक पहुँच गई है। शासन और ग्राम पंचायत पक्की सड़कों के बड़े-बड़े दावे तो करती है, लेकिन हकीकत यह है कि इस वनांचल क्षेत्र में टूटी-फूटी सड़क की मरम्मत तक नहीं हो पा रही।
अब देखना होगा कि इस खबर का क्या असर होता है – क्या सड़क की मरम्मत होगी या सिर्फ खानापूर्ति करके मामला निपटा दिया जाएगा।









