बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा
मोदी की गारंटी को राज्य सरकार ही नहीं कर पा रही पूरी,16000 कर्मियों का सामूहिक इस्तीफा भाजपा सरकार की नाकामी का सबसे बड़ा परिचायक …
अपने घोषणा पत्र में किए गए वादों से मुकरी साय सरकार की प्राइवेट अस्पतालों से सांठगांठ का प्रमाण!
जगदलपुर
आज बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य ने विगत दिनों से 10 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे NHM कर्मचारियों के सामूहिक इस्तीफे व भाजपा सरकार द्वारा उनकी मांगों को पूरी नहीं करने को लेकर भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा है कि हर मोर्चे पर पूरी तरह से फेल साय सरकार को NHM कर्मियों की मांग जल्द से जल्द पूरी कर स्वास्थ्य सेवाओं की बहाली करनी चाहिए क्योंकि इन कर्मचारियों की मांगे जायज है और भाजपा सरकार ने अपने घोषणा पत्र में यह वादा भी किया था और आज किए गए वादों से मुकरना साय सरकार की प्राइवेट अस्पतालों से सांठगांठ का सबसे बड़ा और प्रत्यक्ष प्रमाण है पिछले दिनों 16000 कर्मियों का सामूहिक इस्तीफा भाजपा सरकार की नाकामी का सबसे बड़ा परिचायक है…
शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा छत्तीसगढ़ में एनएचएम कर्मचारी विगत 18 अगस्त से सेवाओं के नियमितीकरण, नियमित स्वास्थ्य कर्मियों की तरह ग्रेड पे, वेतन वृद्धि और अन्य सुविधाओं की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. उनकी मांगों को पूरी करने के बजाए साय सरकार ने 25 कर्मचारियों की बर्खास्त कर दिया और इसके विरोध में 16,000 से ज़्यादा संविदा कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से इस्तीफ़ा दे दिया है… हर मोर्चे पर यह सरकार विफल हो चुकी है कर्मचारियों की मांग पूरी तो नहीं करी गई लेकिन इन्हें बर्खास्त कर दिया गया यह सरकार सिर्फ तानाशाही रवैया अपना रही है आज बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में अपनी सुविधाओं की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. इस विरोध प्रदर्शन के कारण पोषण पुनर्वास केंद्रों जैसी आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं और सरकारी स्कूलों व आंगनवाड़ियों में बच्चों की स्वास्थ्य जांच प्रभावित हुई है प्रदेश की जनता को अपने इलाज हेतु दरदर भटकना पड़ रहा है और सरकार के कान में जूं तक नहीं रेंग रहा है… जो कि यह साफ दर्शाता है कि भाजपा सरकार की प्राइवेट अस्पतालों से बड़ी सांठगांठ है..!
शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा मोदी की गारंटी को राज्य सरकार खुद ही पूरी नहीं कर पा रही हैं,16000 कर्मियों का सामूहिक इस्तीफा भाजपा सरकार की नाकामी का सबसे बड़ा परिचायक हो चुका है प्रदेश के 16000 से अधिक एनएचएम कर्मचारियों की मांग पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है. एनएचएम के कर्मचारी 27 प्रतिशत वेतन वृद्धि, जॉब की गारंटी, 10 लाख की कैशलेस बीमा, नियमितीकरण, स्थानांतरण की सुविधा, अनुकंपा नियुक्ति, ग्रेड पे का निर्धारण और महिला कर्मचारियों के लिए विशेष अवकाश की मांग कर रहे हैं. ये उनका जायज अधिकार है. इसे पूरा करने में सरकार पीछे क्यों हट रही है?सरकार कहती है कि एनएचएम कर्मचारियों को वह नियमित नहीं कर सकती यह केंद्र का विषय है.जबकि केंद्र सरकार ने अपने पत्र में साफ कर दिया है कि इनकी नियमितीकरण राज्य का विषय है. और राज्य सरकार के पास मांगो की बहाली करने का पूरा पावर है राज्य चाहे तो नियमित कर सकती है. राज्य सरकार अब बहाना बनाना बंद करे. मोदी की गारंटी के अनुसार सभी कर्मचारियों को नियमित करे …
श्री मौर्य ने आगे कहा इतना ही नहीं एनएचएम कर्मचारी हड़ताल पर हैं और भाजपा सरकार उन पर बर्बर कार्रवाई कर रही है, उन पर लाठीचार्ज कर रही है और उन्हें जेल भेजने की धमकी दे रही है. 25000 से ज़्यादा एनएचएम कर्मचारियों को बर्खास्त करने की कार्रवाई की गई है. कांग्रेस पार्टी कड़ी इसकी निंदा करती है. यह सरकार की तानाशाही है. भाजपा ने मोदी की गारंटी के नाम पर झूठ बोलने का काम किया है. विधानसभा चुनाव के समय एनएचएम कर्मचारियों और मितानिनों को नियमित करने का काम किया गया था. अब सरकार उनकी मांगें मानने के बजाय उन्हें परेशान कर रही है.साय सरकार को जल्द से जल्द कर्मचारियों की मांग पूरी कर स्वास्थ्य सेवाओं की बहाली करनी चाहिए अन्यथा कांग्रेस पार्टी NHM कर्मियों के साथ उग्र आंदोलन करने बाध्य रहेगी..!









