Home चर्चा में सर्किट हाउस के कर्मचारी से कथित अभद्रता पर सियासी तूफान, भूपेश ने...

सर्किट हाउस के कर्मचारी से कथित अभद्रता पर सियासी तूफान, भूपेश ने घसीटा मोदीजी की माताजी का नाम

24
0

बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा

 

मंत्री कश्यप के शालीन व्यवहार के कायल हैं सब 

जगदलपुर। स्थानीय सर्किट हाउस के संविदा कर्मी से कथित मारपीट और गाली गलौज की घटना पर अब सियासी रंग चढ़ चुका है। इस मसले को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज जहां सौम्य तरीके से कहते नजर आए कि वे पीड़ित के साथ खड़े हैं, वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस केस से प्रधानमंत्री की दिवंगत माता को जोड़ दिया है। इस बीच कई लोग मंत्री केदार कश्यप की शालीनता के हवाला देते हुए कह रहे हैं कि कर्मचारी का रवैया ठीक नहीं है, उसे मंत्री ने हल्की फटकार भर लगाई थी।

दरअसल शनिवार शाम 7 बजे मंत्री केदार कश्यप सर्किट हाउस पहुंचे थे। उनके आने की सूचना उनके समर्थकों को मिल चुकी थी। अतः वे पहले ही सर्किट हाउस पहुंच कर चाय नाश्ता कर रहे थे। चतुर्थ वर्ग कर्मचारी खिंतेंद्र पांडे और कुछ अन्य कर्मचारी हमेशा की तरह उपस्थित थे, फिर अचानक मीडिया में खबर आने लगी कि मंत्री केदार कश्यप ने कर्मचारी खितेंद्र पांडे को बुरी तरह मारा है, सर्किट हाउस का कमरा नहीं खोलने से वह नाराज़ हैं, और तुरंत ही मीडिया के कुछ लोग उक्त कर्मचारी के बयान का वीडियो बना कर भेजने लगे। फिर क्या था। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का ट्वीट भी सामने आ गया। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है-सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी की मां ही मां हैं, या सबकी मां भी मां हैं? इस सवाल का जवाब भाजपा को देना है। अगर देश की हर मां का सम्मान आप करते हैं, तो तुरंत गालीबाज मंत्री को बर्खास्त करने की हिम्मत दिखाइए। वास्तव में यह पूरा घटनाक्रम बड़ा ही नाटकीय प्रतीत होता है। केबिनेट मंत्री ने उसे कमरा नहीं खोलने पर कहते सवाल जवाब कर कर्मचारी को फटकार अवश्य लगाई थी। सर्किट हाउस के कुछ कर्मचारी बड़े बदतमीज है और कमरा बुक होने के बाद भी देने में आनाकानी करते हैं। कथित पीड़ित कर्मचारी का पिता भी बरसो से सर्किट हाउस में कम किया है और उक्त कर्मचारी भी आते जाते रहा है और पला है , जो सभी दलों के नेताओं और मंत्री से परिचित है जिसके कारण वह सबसे घुल मिल गया है कई बार पत्रवार्ता के दौरान कर्मचारी पत्रकारों से भी ठीक से पेश नहीं आते हैं। घटनाक्रम पर कर्मचारी शिवचरण यादव ने बताया कि मंत्री जी के साथ आए उनके समर्थक ने ही शिकायत की तो मंत्री नाराज हुए, क्योंकि हम लोग उन्हें 15 से 17 साल से जानते हैं आज तक कभी ऐसी बात नहीं हुई थी, चाहे कांग्रेस की सरकार हो या फिर बीजेपी की हम लोग सभी की आवभगत करते हैं, लेकिन कल मंत्री जी के समर्थक द्वारा हमारे सामने ही अव्यवस्था की शिकायत होने पर उक्त घटना घटित हुई। घटनाक्रम की नाटकीयता का आलम यह था कि चंद सेकंड में मसला रायपुर या पुरानी भिलाई में बैठे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भी कानों तक पहुंच गई और धड़ाक से उनका ट्वीट भी आ गया।

बैज ने दिखाई शालीनता
इस मामले में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बड़े धैर्य और शालीनता का परिचय दिया है।. श्री बैज ने कथित पीड़ित कर्मचारी को फोन कर बातचीत की, उससे पूरे मामले की विस्तृत जानकारी ली। घटना की पुष्टि होने के बाद ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कर्मचारी से कहा कि आपको घबराने की जरूरत नहीं है, कांग्रेस आपके साथ खड़ी है।

समर्थकों की साजिश?
दरअसल इस मामले में मंत्री के समर्थकों की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। कहा जा रहा है कि कर्मचारी ने मंत्री की सुरक्षा के लिहाज से कमरा खोलने से इंकार किया था, मगर समर्थकों ने इसे बेवजह तूल देकर मंत्री को भड़काने का काम किया है। इसके पीछे साजिश की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता। क्योंकि घटना की बात जिस तेजी से फैली है, वह इस ओर संकेत करती है। इस मामले में नेता दोषी हैं, या उनके समर्थक? इस तथ्य का खुलासा होना अभी बाकी है। मगर यह बात जग जाहिर है कि बड़े नेताओं या मंत्रियों को अक्सर अपने समर्थकों की हरकतों के कारण ही शर्मिंदगी उठानी पड़ती है। बस्तर की जनता मंत्री केदार कश्यप के व्यवहार से भलीभांति परिचित है।अपने सौम्य और शालीन व्यवहार के लिए वे जाने जाते हैं। ऐसे में उनके द्वारा एक कर्मचारी से दुर्व्यवहार किए जाने की बात किसी के गले नहीं उतर रही है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here