संवाददाता – निलेश सिंह
तखतपुर:
श्री राम सदन में चल रहा है श्रीमद् भागवत ज्ञान महायज्ञ का आज चतुर दिवस गजेंद्र मोक्ष वामन चरित्र समुद्र मंथन श्री राम कथा के माध्यम से कथा व्यास पूज्य श्री नारायण महाराज जी श्री राधे जांजगीरी भिलाई से कथावाचक में समस्त तखतपुर कथा सुनाएं कथा में सर्वप्रथम भगवान की आरती के साथ कथा प्रारंभ हुआ 3 सितंबर से प्रारंभ हुआ है तथा 11 सितंबर तक चलेगा 2:00 बजे से प्रारंभ होकर 7 बजे तक,
श्रीमद् भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर महाराज श्री ने प्रभु के वामन अवतार के वृतांत का विस्तार पूर्वक वर्णन भक्तों को करवाया एवं कृष्ण जन्मोत्सव को बड़ी धूमधाम से मनाया। कथा के चतुर्थ दिवस पर सभी भक्तों ने महाराज जी के श्रीमुख से कथा का श्रवण किया। भागवत कथा के चतुर्थ दिवस की विश्राम में भारत माता की भव्य आरती किया गया और विश्व शांति के लिए प्रार्थाना के साथ की गई। पूज्य श्री महाराज जी ने श्रीमद्भागवत कथा चतुर्थ दिवस के प्रसंग का वृतांत सुनाते हुए बताया कि वामन अवतार भगवान विष्णु के दशावतारो में पांचवा अवतार और मानव रूप में अवतार था। जिसमें भगवान विष्णु ने एक वामन के रूप में इंद्र की रक्षा के लिए धरती पर अवतार लिया। वामन अवतार की कहानी असुर राजा महाबली से प्रारम्भ होती है।
महाबली प्रहलाद का पौत्र और विरोचना का पुत्र था। महाबली एक महान शासक था जिसे उसकी प्रजा बहुत स्नेह करती थी। उसके राज्य में प्रजा बहुत खुश और समृद्ध थी। उसको उसके पितामह प्रहलाद और गुरु शुक्राचार्य ने वेदों का ज्ञान दिया था। समुद्रमंथन के दौरान जब देवता अमृत ले जा रहे थे तब इंद्रदेव ने बाली को मार दिया था जिसको शुक्राचार्य ने पुनः अपन मन्त्रो से जीवित कर दिया, इस अवसर कथा के मुख्य यजमान अजय सिंह प्रमिला ठाकुर दीपक सिंह नैन सिंह ठाकुर रोहन सिंह विक्रम सिंह विवेक सिंह सोनू सिंह राजेश सिंह इंद्रेश सिंह गजेंद्र सिंह जीवन लाल पाण्डेय रुद्र सिंह लल्लन पाण्डेय केशर सिंह बड़ी संख्या में कथा सुनने उपस्थित रहे









