काठमांडू। नेपाल में सोशल मीडिया बैन के विरोध में शुरू हुआ Gen-Z युवाओं का आंदोलन अब बेकाबू हो गया है। राजधानी काठमांडू समेत कई शहरों में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए हैं। उन्होंने संसद को घेर लिया और राष्ट्रपति के निजी आवास पर भी कब्ज़ा कर लिया। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सरकार कभी भी गिर सकती है।
सूत्रों के अनुसार, पीएम ओली दुबई जाने की तैयारी कर रहे हैं। चर्चा है कि उन्होंने हिमालय एयरलाइंस को स्टैंडबाय रहने के लिए कहा है और इलाज के बहाने देश छोड़ने की योजना बना रहे हैं। वहीं सरकार के भीतर इस्तीफों का सिलसिला तेज़ हो गया है।
लगातार बढ़ रहा राजनीतिक संकट
तीन मंत्रियों ने इस्तीफा दिया – गृह मंत्री रमेश लेखक के बाद कृषि मंत्री रामनाथ अधिकारी और स्वास्थ्य मंत्री प्रदीप पौडेल ने भी पद छोड़ दिया। उनका कहना है कि सवाल पूछने वालों का दमन लोकतंत्र के खिलाफ है।
कांग्रेस नेता का इस्तीफा – नेपाली कांग्रेस के महासचिव गगन थापा ने भी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ने का ऐलान किया।
नेताओं के घरों पर हमले
1) पूर्व उपप्रधानमंत्री रघुवीर महासेठ के जनकपुर स्थित घर पर प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया।
2) सीपीएन माओवादी केंद्र के अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहाल ‘प्रचंड’ के निवास पर आगजनी की गई।
मौतें और हिंसा
अब तक की घटनाओं में 19 लोगों की मौत हो चुकी है। गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने मंत्रियों के घरों में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाओं को अंजाम दिया है। राजधानी समेत कई इलाकों में सुरक्षा बल तैनात हैं, लेकिन हालात काबू से बाहर होते जा रहे हैं।









