जांजगीर-चांपा संवाददाता – राजेंद्र प्रसाद जायसवाल
बिर्रा थाना क्षेत्र के ग्राम करही के उपसरपंच महेन्द्र बघेल की रहस्यमयी गुमशुदगी ने पूरे इलाके को दहला दिया था। तीन दिनों की सघन खोजबीन और पुलिस के अथक प्रयासों के बाद आखिरकार इस मामले से पर्दा उठ गया। जांजगीर-चांपा पुलिस ने न केवल हत्या का राज खोला, बल्कि हत्या में शामिल 07 आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। इस प्रकरण में दो नाबालिग भी शामिल पाए गए हैं जिनके खिलाफ भी विधिवत कार्रवाई की गई है।
गुमशुदगी से हत्या तक – पूरा घटनाक्रम
06 सितम्बर 2025 की रात उपसरपंच महेन्द्र बघेल अपने घर नहीं लौटे। परिजनों व ग्रामवासियों ने इधर-उधर तलाश की, किंतु कुछ पता न चलने पर थाना बिर्रा में गुम इंसान की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री विजय पाण्डेय (भापुसे) ने तत्काल विशेष सर्च अभियान का आदेश दिया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री उमेश कुमार कश्यप (रापुसे) के कुशल मार्गदर्शन और एसडीओपी चांपा श्री यदुमणि सिदार के नेतृत्व में लगातार गहन खोजबीन की गई। गांव-गांव जाकर कोटवारों, सरपंचों, मछुआरों और डोंगीवालों से पूछताछ की गई।
आखिरकार 08 सितम्बर को डभरा क्षेत्रांतर्गत साराडीह बैराज के पास महानदी से उपसरपंच का शव बरामद किया गया। शव की पहचान उनके कपड़ों से की गई। इसके साथ ही मृतक की पल्सर मोटरसाइकिल भी नदी से बरामद की गई।

हत्या की साजिश और वजह
विवेचना के दौरान पुलिस को पता चला कि यह मामला आपसी रंजिश और शासकीय निर्माण कार्य के विवाद से जुड़ा हुआ है। परिजनों के संदेह के आधार पर सरपंच पति राजकुमार साहू और उसके सहयोगियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई –
06 सितम्बर की रात राजकुमार साहू ने अपने साथियों के साथ मिलकर महेन्द्र बघेल को शराब पिलाई और फिर गमछे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को बरेकेल पुल से महानदी में फेंक दिया गया। इसके अलावा मृतक की मोटरसाइकिल को भी नदी में डुबो दिया गया ताकि किसी को शक न हो।
गिरफ्तार आरोपी
1. राजू उर्फ शैलेष कश्यप पिता लीलाधर कश्यप (24 वर्ष)
2. राजेन्द्र कुमार साहू पिता रथराम साहू (22 वर्ष)
3. दुर्गेश आदिल्य पिता तुलाराम आदिल्य (19 वर्ष)
4. जितेन्द्र कश्यप पिता लीलाधर कश्यप (27 वर्ष)
5. कान्हा यादव पिता राम प्रसाद यादव (20 वर्ष)
6. भास्कर मांझी पिता मोहन मांझी (24 वर्ष)
7. राजकुमार साहू पिता रथराम साहू (29 वर्ष, सरपंच पति)
साथ ही दो नाबालिग भी अपराध में शामिल पाए गए हैं।
मामले में दर्ज अपराध
थाना बिर्रा में अपराध क्रमांक 111/25 धारा 103(2), 61(2)(क) भारतीय न्याय संहिता तथा 3(2)(v) एसटी/एससी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की गई है।
पुलिस की सराहनीय भूमिका
इस पूरे सर्च अभियान और विवेचना में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री उमेश कश्यप, एसडीओपी श्री यदुमणि सिदार, उप पुलिस अधीक्षक अजाक जितेन्द्र कुमार खुटे, थाना प्रभारी बिर्रा निरीक्षक जय कुमार साहू, थाना प्रभारी शिवरीनारायण निरीक्षक प्रवीण द्विवेदी, थाना प्रभारी बम्हनीडीह उपनिरीक्षक कृष्णपाल सिंह एवं बिर्रा थाना स्टाफ का अहम योगदान रहा।
जांजगीर-चांपा पुलिस की सतर्कता, सर्च ऑपरेशन और तकनीकी संसाधनों के उपयोग
जांजगीर-चांपा पुलिस की सतर्कता, सर्च ऑपरेशन और तकनीकी संसाधनों के उपयोग (डीडीआरएफ टीम व ड्रोन) से यह जघन्य हत्या उजागर हुई। पुलिस की इस कार्यवाही ने न केवल आरोपियों को कानून के शिकंजे में लाया बल्कि ग्रामीणों को भी न्याय का भरोसा दिलाया।









