भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चला आ रहा व्यापारिक तनाव अब कम होने की संभावना दिखा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सत्ता में वापसी के बाद रिश्तों में खिंचाव बढ़ा था। ट्रंप ने भारत को कई बार “टैरिफ किंग” कहकर तंज कसे और भारी शुल्क भी लगाए। वहीं, रूस से भारत के तेल आयात को लेकर भी अमेरिका ने सख्त आपत्ति जताई और 50% तक टैरिफ लगा दिया, जिससे दोनों देशों के रिश्ते और बिगड़ गए।
लेकिन अब हालात बदलते नजर आ रहे हैं। भारत में अमेरिका के नए राजदूत बनने जा रहे सर्जियो गोर ने संकेत दिए हैं कि दोनों देशों के बीच ट्रेड डील को लेकर बातचीत जारी है और जल्द ही ठोस परिणाम सामने आ सकते हैं। उन्होंने साफ किया कि रूस से तेल आयात अमेरिका की चिंता जरूर है, लेकिन भारत-अमेरिका साझेदारी बेहद अहम है।
सर्जियो गोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दोस्ती को भी खास बताया। उनका कहना है कि ट्रंप अक्सर अन्य देशों के नेताओं की आलोचना करते हैं, लेकिन मोदी की तारीफ करने में कभी पीछे नहीं रहते। यही भरोसा दोनों नेताओं के बीच के रिश्ते को और मजबूत बनाता है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ट्रंप प्रशासन भारत पर भारी टैरिफ जारी रखेगा या फिर इसे दरकिनार कर ट्रेड डील पर मुहर लगाएगा। हालांकि भारत पहले ही साफ कर चुका है कि रूस से तेल आयात बंद करना संभव नहीं है। ऐसे में आने वाले दिनों में होने वाली बातचीत पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।







