यूएई में एशिया कप टी20 का आगाज़ हो चुका है। टीम इंडिया ने टूर्नामेंट की शुरुआत शानदार जीत के साथ की और अब उसका अगला मुकाबला 14 सितंबर को चिर-प्रतिद्वंदी पाकिस्तान से होना है। लेकिन इस हाई-वोल्टेज मैच से पहले सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई, जिसमें मैच को रद्द करने की मांग की गई थी।
याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलना शहीद जवानों का अपमान है। उनके अनुसार, यह कदम देश की गरिमा और जनभावनाओं के खिलाफ संदेश देता है। यह याचिका चार लॉ छात्रों ने संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर की थी।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस मांग को तत्काल सुनवाई योग्य मानने से इनकार कर दिया। जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच ने कहा— “यह सिर्फ एक मैच है, इसे होने दीजिए। इतनी जल्दी क्या है?” अदालत ने साफ कर दिया कि इस मुद्दे पर तुरंत हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है।
याचिका में यह भी कहा गया था कि पाकिस्तान को आतंकी गतिविधियों का समर्थन करने वाला देश माना जाता है, ऐसे में उसके साथ खेलना भारतीय सेना और शहीदों के बलिदान के प्रति असंवेदनशील है। लेकिन कोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया कि भारत-पाकिस्तान का यह मैच तय कार्यक्रम के अनुसार ही होगा।
अब सभी की नज़रें 14 सितंबर को दुबई में होने वाले इस महामुकाबले पर टिकी हैं, जिसका इंतज़ार न सिर्फ क्रिकेट प्रेमियों को है बल्कि पूरी दुनिया की निगाहें भी इस मुकाबले पर रहेंगी।







