Home बिलासपुर मेडिकल कॉलेजों में संविदा शिक्षकों को आयु सीमा और बोनस मार्क्स देने...

मेडिकल कॉलेजों में संविदा शिक्षकों को आयु सीमा और बोनस मार्क्स देने की अधिसूचना हाईकोर्ट ने की रद्द

72
0

बिलासपुर –

मेडिकल, डेंटल और नर्सिंग कॉलेजों में प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर पदों पर संविदा शिक्षकों को आयु सीमा और बोनस मार्क्स देने के संबंध में जारी राज्य शासन की अधिसूचना को हाईकोर्ट ने निरस्त कर दिया है. इस अधिसूचना को पहले से कॉलेजों में कार्यरत नियमित सहायक प्राध्यापकों ने चुनौती दी थी.

प्रदेश में संचालित मेडिकल कॉलेज, डेंटल कॉलेजों और नर्सिंग कॉलेजों में एसोसिएट प्रोफेसर व प्रोफेसर के पदों पर प्रमोशन किया जाना है. इसके लिए राज्य शासन ने मेडिकल एजुकेशन सर्विस रिक्रूटमेंट रूल्स 2013, एक अधिसूचना जारी की है. इसमें साफ कहा गया है कि, इन रिक्त पदों पर कॉलेजों में कार्यरत संविदा प्राध्यापकों को सीधी भर्ती के अंतर्गत आयु सीमा में छूट दी जाएगी इसके अलावा चयन में बोनस अंक भी प्राप्त होंगे. इस तरह इन्हें पहले प्राथमिकता दी जाएगी. लोक सेवा आयोग के माध्यम से यह सभी पद सीधी भर्ती से पूरे किये जा रहे हैं, इसी वजह से इन कॉलेजों में पदस्थ नियमित प्राध्यापकों इसका विरोध किया. इसके बाद कोई विभागीय पहल नहीं होने पर इन सबने हाईकोर्ट की शरण ली. इस मामले में डॉ. नरेंद्र प्रसाद ओंकार, डॉ आशीष सिंह, डॉ समीर, डॉ. केशव, डॉ. स्मिता डा अर्नब, डॉ. रजत, डॉ ममता समेत अन्य याचिकाकर्ताओं की ओर से हिमांशु पाण्डेय सीनियर एडवोकेट मनोज परांजपे, घनश्याम कश्यप, विकास दुबे आदि ने पक्ष रखा. अलग-अलग याचिकाएं पेश की गईं. इन सब पर चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस रविन्द्र अग्रवाल की डीबी में सुनवाई हुई. याचिका में कहा गया कि, जो पद अभी शासन सीधे भर्ती के जरिए पूरा करने जा रहा है, उसमें पहले नियमित प्राध्यापकों को पदोन्नति के माध्यम से अवसर देने का प्रावधान है. इस अधिसूचना के साथ शासन नियमित याचिकाकर्ताओं को नजरअंदाज कर सीधी भर्ती व चयन कर रहा है, जो वैधानिक नहीं कहा जा सकता है. डिवीजन बेंच ने सुनवाई के बाद इन तों से सहमत होते हुए राज्य शासन की इस अधिसूचना को निरस्त कर दिया.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here