इस्लामाबाद: भारतीय वायुसेना (IAF) द्वारा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ मिशन के तहत 7 मई को किए गए हवाई हमले में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के मुख्यालय ‘मरकज तैयबा’ को पूरी तरह से तबाह कर दिया गया था, जिसका अब फिर निर्माण कराया जा रहा है। बता दें कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए कार्रवाई करते हुए PoK और पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया था और 100 से ज्यादा आतंकी मार गिराए थे।
सूत्रों के मुताबिक, मुरीदके स्थित मरकज तैयबा मुख्यालय को पूरी तरह से ध्वस्त करने का काम 18 अगस्त को शुरू हुआ था। अब इसका पुनर्निर्माण कार्य चल रहा है। यह काम मरकज तैयबा के निदेशक मौलाना अबू जर और लश्कर-ए-तैयबा के मुख्य प्रशिक्षक यूनुस शाह बुखारी उर्फ उस्ताद उल मुजाहिदीन की देखरेख में हो रहा है।
सूत्रों ने बताया कि ढांचे को गिराने के लिए कम से कम पांच जेसीबी मशीनों का इस्तेमाल किया गया। 20 अगस्त तक, उम्म-उल-क़ुरा के कुछ हिस्सों को ध्वस्त कर दिया गया था। इस बीच, कमांडर के आवास की इमारत को 4 सितंबर को ध्वस्त कर दिया गया। लश्कर और पाकिस्तानी सरकार की योजना अगले साल 5 फरवरी तक इस इमारत को पूरी तरह से फिर से बनाने की है। गौरतलब है कि लश्कर हर साल 5 फरवरी को ‘कश्मीर एकजुटता दिवस’ मनाता है।
पुनर्निर्माण के लिए पाकिस्तान सरकार से फंडिंग
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तानी सरकार ने इस पुनर्निर्माण कार्य के लिए लश्कर को शुरुआती तौर पर 4 करोड़ पाकिस्तानी रुपये की मदद दी है। लश्कर के आंतरिक आकलन के अनुसार, मुख्यालय को पहले की तरह ट्रेनिंग और आवासीय सुविधाओं के साथ फिर से बनाने में 15 करोड़ से अधिक की लागत आएगी।









