रायपुर संवाददाता- रघु राज
सक्ति, छत्तीसगढ़:
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में करही गांव के दो युवकों की जहरीली शराब पीने के बाद मौत हो गई। रविवार शाम को दोनों युवकों ने शराब का सेवन किया, जिसके कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई। उन्हें तत्काल परिजन सारंगढ़ के अस्पताल लेकर गए, जहां इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई। यह दर्दनाक घटना बिर्रा थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई है, जिसने पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल बना दिया है।
मृतकों की पहचान करही गांव के रहने वाले के रूप में हुई है। परिजन बताते हैं कि रविवार को दोनों ने साथ में शराब पी थी। थोड़ी ही देर बाद उनमें उल्टी, पेट दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण प्रकट होने लगे। गंभीर स्थिति को देखते हुए, परिजन उन्हें उपचार के लिए सारंगढ़ अस्पताल ले गए। अस्पताल के चिकित्सकों ने दोनों को भर्ती कर उपचार शुरू किया, लेकिन उनकी हालत बिगड़ती चली गई और इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई।
सारंगढ़ थाना पुलिस को हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने शवों का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस मामले में पुलिस ने जीरो में केस दर्ज किया है और केस की फाइल बिर्रा पुलिस को भेज दी गई है, जो आगे की जांच करेगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल मौत के पीछे जहरीली शराब की वजह होना सबसे संभावित कारण है, लेकिन अंतिम पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगी।
स्थानीय लोग क्षेत्र में अवैध और जहरीली शराब के व्यापक रूप से उपलब्ध होने की बात कह रहे हैं, जो इस तरह के जिंदगियों के लिए खतरा है। ग्रामीणों ने प्रशासन पर सख्त कार्रवाई करने का दबाव बनाया है और मांग की है कि ऐसी जहरीली शराब के तस्करों पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
यह दुखद घटना पुनः यह बात उजागर करती है कि अवैध शराब की बिक्री ग्रामीण इलाकों में एक गंभीर समस्या बनी हुई है, जो न केवल सामाजिक स्वास्थ्य को प्रभावित करती है, बल्कि सीधे-सीधे इंसान की जान ले रही है। प्रशासन और पुलिस को चाहिए कि ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई करें और लोगों को इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।
परिजनों और गांव वासियों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतकों के परिवार को सांत्वना देने के साथ ही इलाके में दहशत का माहौल है। सारंगढ़ पुलिस ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम तैनात कर जांच तेज कर दी है।
यह मामला छत्तीसगढ़ में जहरीली अवैध शराब के खिलाफ चल रहे अभियानों के बीच एक बड़ा अलर्ट भी है, जो क्षेत्रीय प्रशासन को इस समस्या के समाधान के लिए और कदम उठाने की जरूरत की याद दिलाता है।









