संवाददाता – रघुराज
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित पिपराइच इलाके में 15-16 सितंबर की रात 19 वर्षीय दीपक गुप्ता को गौ-तस्करों ने बेरहमी से हत्या कर दी। दीपक, जो नीट की परीक्षा की तैयारी कर रहा था और अपने कॉलेज में टॉपर था, रात को जब मवेशी चोरी करने आए तस्करों का पीछा कर रहा था, तो तस्करों ने उसे अगवा कर लिया। आरोप है कि तस्कर उसे करीब चार घंटे बाद लगभग चार किलोमीटर दूर हिरासत से मुक्त करने के बजाय उसकी बेरहमी से हत्या कर उसे जंगल में फेंक गए।
पुलिस के अनुसार, तीन डीसीएम गाड़ियों में आए तस्करों ने पिपराइच इलाके से मवेशियों को खोल कर ले जाना शुरू किया था। जब दीपक ने उनका पीछा किया तो तस्करों ने उसे पकड़ लिया। उसकी लाश दुष्कर्म और अत्याचार के स्पष्ट संकेतों के साथ मिली, जिसमें पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके सिर की छह हड्डियां, कपाल और कान की हड्डियां टूटने की पुष्टि हुई है।
इस मामले ने इलाके में भारी तनाव फैला दिया। गांव के लोग सड़क जाम कर प्रदर्शन करने उतरे, जिसके दौरान पुलिसकर्मियों और ग्रामीणों के बीच हाथापाई और पथराव भी हुआ, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। इसके बाद उत्तर प्रदेश के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश गोरखपुर पहुंचे और मामले की समीक्षा की।
गोरखपुर के पुलिस अधीक्षक राज करन नैयर ने मौके पर पहुंच कर जांच शुरू की और Jungle Dhooshan चौकी प्रभारी समेत सभी पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मुख्य आरोपी रहीम भी शामिल है जिसे पुलिस ने एनकाउंटर में घायल किया। दो अन्य फरार हैं जिनकी तलाश जारी है।
दीपक की हत्या के बाद इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि तस्करों ने गाड़ी में बैठाकर दीपक का सिर कुचल दिया और बाद में उसे छोड़ दिया। परिवार ने पुलिस इलाज और जांच पर असंतोष जताया है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र के लोगों में गहरा आक्रोश और चिंता पैदा कर दी है।
यह मामला सामाजिक और कानून व्यवस्था के लिहाज से भी गहन चिंता का विषय बना हुआ है, और प्रशासन इसकी पूरी न्यायिक जांच कर साजिश को उजागर करने का प्रयास कर रहा है।









