बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा
करपावंड में 1.87 लाख रुपए का मजदूरी घोटाला
बकावंड। बस्तर वन मंडल के करपावंड वन परिक्षेत्र अंतर्गत फरसरा बीट में बड़ा मजदूरी घोटाला सामने आया है। ग्राम सावंर के ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि वन विभाग के बीट गार्ड मंगल कश्यप ने 27 मजदूरों की लगभग 1.87 लाख रुपये की मेहनताना रकम हड़प ली है। वहीं विभाग के अधिकारी इस मामले में गोलमोल जवाब दे रहे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार करपावंड वन परिक्षेत्र की फरसरा बीट में अगस्त 2024 में मजदूरों से जंगल में 20 दिन तक पेड़ों की छंटाई, सफाई, सीपीटी नाली निर्माण, पौधा रोपण के लिए गड्ढे खोदने और छोटे पौधों को उखाड़ने का काम बीट गार्ड मंगल कश्यप के माध्यम से कराया गया था।मजदूरों को प्रतिदिन 347 रुपए की दर से मजदूरी देने की बात कही गई थी। लेकिन एक साल से भी ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद मजदूरों को उनकी मेहनत की कमाई नहीं मिल पाई है।
मजदूर सुकचंद, रामधर, कमलेश, जयराम, रतीराम समेत अन्य ने बताया- हमारी मेहनताना राशि हमारे खातों में कभी नहीं आई। किसी और के खाते में डालकर निकाल ली गई। हमें बार-बार सिर्फ आश्वासन दिया जाता रहा कि आज-कल में पैसा आ जाएगा, लेकिन हकीकत यह है कि रकम किसी और ने निकाल ली। फिलहाल पीड़ित 28 मजदूरों ने सामने आकर यह आरोप लगाया है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि और भी कई मजदूरों की रकम अटकी हुई है।
ग्रामीणों और मजदूरों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही उनकी मेहनताना राशि नहीं दी गई, तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करने और आंदोलन करने पर भी मजबूर हो जाएंगे।
कड़े एक्शन की जरूरत
इस मामले में जब करपावंड रेंजर सौरव रजक से जानकारी ली गई, तो उन्होंने अस्पष्ट और उलझन भरे जवाब दिए। ग्रामीणों का कहना है कि यह मामला मजदूरों के हक पर सीधा डाका है। उन्होंने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। यह घोटाला न केवल मजदूरों की मेहनत पर डाका है, बल्कि वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े भी करता है। क्या ऐसे मामलों में सिर्फ जांच काफी है, या सीधी कार्रवाई होनी चाहिए?









