रायपुर संवाददाता – रघुराज
आरंग नगर पालिका में एक बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार यहां बस स्टैंड व्यावसायिक परिसर के नव निर्माण कार्य के लिए ठेकेदार को बिना काम शुरू किए ही 35 लाख 82 हजार रुपये का भुगतान कर दिया गया। यह राशि वर्ष 2023 में जारी हुए 6 करोड़ 69 लाख रुपये के वर्क ऑर्डर के तहत दी गई थी। इस प्रकरण ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
शिवसेना और पार्षद प्रतिनिधियों ने इस पूरे मामले पर कड़ा विरोध जताते हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। शिवसेना जिला ग्रामीण अध्यक्ष राकेश शर्मा ने आरोप लगाया कि ठेकेदार को भुगतान मिल जाने के बाद भी कार्य की शुरुआत नहीं हुई। उन्होंने मांग की कि संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने के साथ-साथ राशि की रिकवरी की जाए। इसके साथ ही नए सिरे से निविदा बुलाकर तत्काल कार्य प्रारंभ किया जाए।
शिवसेना का कहना है कि यह निर्माण कार्य स्थल परिवर्तन के बजाय उसी स्थान पर किया जाना चाहिए, जहां प्रारंभिक योजना थी। ज्ञापन सौंपने वालों में जिला उपाध्यक्ष केशव वैष्णव, व्यास सोनकर, टेकराम देवांगन, कमलेश निर्मलकर, उजाला धीवर और अन्य शिव सैनिक बड़ी संख्या में मौजूद थे।
गौरतलब है कि कांग्रेस शासनकाल में 2023 में इस वर्क ऑर्डर को रायपुर के राधेश्याम अग्रवाल को दिया गया था और 18 माह में कार्य पूरा करने की शर्त रखी गई थी। लेकिन करीब दो साल बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा परिषद ने इस परियोजना को बैहार में शिफ्ट करने की सहमति दी थी, जिसका कांग्रेस ने विरोध किया था। अब शिवसेना खुलकर इस घोटाले की जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग कर रही है।









