Home चर्चा में रचनात्मकता के रंग – पोस्टर प्रतियोगिता में खिला विद्यार्थियों का उत्साह

रचनात्मकता के रंग – पोस्टर प्रतियोगिता में खिला विद्यार्थियों का उत्साह

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जांजगीर चांपा संवाददाता – राजेंद्र प्रसाद जायसवाल
 जिला जांजगीर चांपा जांजगीर चांपा के नवागढ़। में राधाकृष्ण शिक्षा समिति महाविद्यालय, राछाभाठा के तत्वावधान में दिनांक 20 सितंबर 2025 को उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी “सेवा पखवाड़ा 2025” थीम अंतर्गत पोस्टर (चित्रकला) प्रतियोगिता कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।
 कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की संचालक डॉ. अन्नपूर्णा अग्रवाल एवं प्राचार्य डॉ. ऋत्विज तिवारी के मार्गदर्शन में हुआ। इस अवसर पर संचालक महोदया ने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि— “रंगों में भरें विचार – समाज को दें नया आकार।” उन्होंने यह भी बताया कि पोस्टर कला समाज, स्वास्थ्य और स्वच्छता जैसे विषयों को सशक्त संदेश देने का प्रभावी माध्यम है, जिससे विद्यार्थी अपने जीवन को भी रंगमय और अनुशासित बना सकते हैं।
 इस प्रतियोगिता के मुख्य अतिथि के रूप में पंडित जवाहरलाल नेहरू महाविद्यालय नवागढ़ के संचालक श्री विनोद कुमार बंसल उपस्थित रहे । उन्होंने अपने उद्बोधन में “सेवा पखवाड़ा” की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण एवं सेवा-भावना को बढ़ावा देना है। उन्होंने विद्यार्थियों को यह भी बताया कि सेवा पखवाड़ा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिवस (17 सितम्बर) से 2 अक्टूबर गांधी जयंती तक मनाया जाता है, जिसके अंतर्गत विभिन्न जनसेवा गतिविधियाँ आयोजित की जाती हैं।
 प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने बड़े उत्साह से भाग लिया। प्रतिभागियों में पूजा, श्रिया, दिनेश, विकास, किशन, राकेश, मुकेश, बादल कुमार, आकांक्षा, इंद्रासो, उमेश्वरी, अनिमा आदि शामिल रहे। निर्णायक मंडल ने प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया, जिसमें—
प्रथम पुरस्कार : पूजा एवं श्रिया
द्वितीय पुरस्कार : दिनेश एवं विकास
तृतीय पुरस्कार : मुकेश एवं बादल कुमार
 पुरस्कार मुख्य अतिथि डॉ. विनोद कुमार बंसल द्वारा प्रदान किए गए।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापकगण—सुश्री धनेश्वरी कुर्रे, श्री प्रज्ञानंद कश्यप, श्री मनोज बंजारे, सुश्री प्रगति बंजारे, सुश्री रजनी साहू एवं अन्य शिक्षकों व विद्यार्थियों की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को सफल बनाया।
 कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि कला और रचनात्मकता केवल रंगों का मेल नहीं, बल्कि समाज परिवर्तन का प्रभावी साधन है।

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