ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया ने रविवार को एक साथ फिलिस्तीन को आधिकारिक राष्ट्र का दर्जा देने का ऐलान किया है। यह कदम इजरायल के खिलाफ और अमेरिका की नीति से उलट माना जा रहा है। तीनों देशों ने कहा कि यह फैसला गाजा युद्ध को खत्म करने और दो-राष्ट्र समाधान की दिशा में उम्मीद जगाने के लिए लिया गया है।
ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग ने कहा, “ऑस्ट्रेलिया फिलिस्तीन के लोगों की अपनी एक अलग राज्य की वैध और दीर्घकालिक आकांक्षाओं को मान्यता देता है। आज की मान्यता का यह कदम द्वि-राज्य समाधान के प्रति ऑस्ट्रेलिया की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो हमेशा से इजरायली और फिलिस्तीनी लोगों के लिए स्थायी शांति और सुरक्षा का एकमात्र मार्ग रहा है।” कनाडा ने एक बयान में कहा कि वो मध्य-पूर्व में स्थायी शांति के लिए दो-राज्य समाधान का समर्थन करता है।
जुलाई में ही फ्रांस ने भी फिलिस्तीन को राष्ट्र की मान्यता दी थी। इसी के साथ वो फिलिस्तीन को मान्यता देने वाला यूरोप में सबसे बड़े यहूदी और मुस्लिम समुदायों वाला पहला प्रमुख पश्चिमी देश बन गया था। बता दें कि फिलिस्तीन को भारत और चीन समेत करीब 150 देशों ने मान्यता दे रखी है। अमेरिका इस सूची में शामिल नहीं है। इजरायल हमेशा से ऐसी घोषणाओं का विरोध करता रहा है।









