रायपुर संवाददाता – रघुराज
भारत में सोना न सिर्फ गहना बल्कि सेविंग और इन्वेस्टमेंट का अहम जरिया माना जाता है। लगभग हर परिवार में खानदानी गहने पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ते हैं। लोग इन्हें यादों और इमोशन्स से जोड़कर भी देखते हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इन गहनों पर इनकम टैक्स एक्ट के तहत खास नियम बने हुए हैं।
विरासत में मिले गहनों पर टैक्स नहीं
अगर आपको अपनी मां-पिता या दादा-दादी से सोने की ज्वैलरी मिली है, तो इसे सिर्फ रखने पर कोई टैक्स नहीं लगता। इनकम टैक्स एक्ट की धारा 56(2)(x) और धारा 47(iii) के मुताबिक, ऐसे तोहफे या विरासत में मिले गहनों को आपकी आय नहीं माना जाता।
बेचने पर देना होगा टैक्स
टैक्स की समस्या तब आती है जब आप इन गहनों को बेचते हैं। उस समय जो मुनाफा (Profit) होता है, उसे कैपिटल गेन माना जाता है और उसी पर टैक्स देना होता है। टैक्स पूरे गहनों की कीमत पर नहीं बल्कि सिर्फ उस प्रॉफिट पर लगता है।
टैक्स कैलकुलेशन कैसे होता है?
अगर गहना 1 अप्रैल 2001 से पहले खरीदा गया था, तो उस समय का Fair Market Value (FMV) लिया जाएगा।
इस कॉस्ट को Cost Inflation Index (CII) से एडजस्ट किया जाता है ताकि महंगाई का असर जोड़ा जा सके।
नया टैक्स नियम (जुलाई 2024 से लागू)
24 महीने तक रखने पर: गहना बेचने पर होने वाला मुनाफा शॉर्ट टर्म गेन माना जाएगा और टैक्स आपकी इनकम टैक्स स्लैब के हिसाब से लगेगा।
24 महीने से ज्यादा रखने पर: इसे लॉन्ग टर्म गेन माना जाएगा और टैक्स 12.5% फ्लैट रेट से देना होगा। (अब इंडेक्सेशन का फायदा नहीं मिलेगा)।
टैक्स से छूट कैसे मिलेगी?
अगर आप Section 54F के तहत गहनों को बेचकर पूरा पैसा किसी घर की प्रॉपर्टी में लगाते हैं, तो टैक्स से राहत मिल सकती है। हालांकि यह छूट कुछ शर्तों के साथ ही लागू होगी।
भारत में विरासत में मिले गहनों पर टैक्स नहीं लगता, लेकिन गहनों की बिक्री पर प्रॉफिट पर टैक्स देना होता है, जो कैपिटल गेन माना जाता है। जुलाई 2024 से नए नियम लागू हुए हैं, जिनमें लॉन्ग टर्म गेन पर 12.5% फ्लैट टैक्स है और इंडेक्सेशन का फायदा नहीं मिलता। टैक्स छूट Section 54F के तहत घर की संपत्ति में निवेश पर मिल सकती है.
विरासत में मिले गहनों का टैक्स नियम
– मां-पिता या दादा-दादी से मिले सोने के गहनों पर टैक्स नहीं लगता, अगर इन्हें बस रखा गया है.
– इनकम टैक्स एक्ट की धारा 56(2)(x) और 47(iii) के तहत ऐसे गहनों को आय में नहीं गिना जाता.
गहनों की बिक्री पर टैक्स
– जब गहनों को बेचते हैं, तो बिक्री से मिलने वाले मुनाफे (Profit) पर टैक्स देना होगा.
– टैक्स गहनों की पूरी कीमत पर नहीं, सिर्फ प्रॉफिट पर लगता है.
टैक्स कैलकुलेशन का तरीका
– 1 अप्रैल 2001 से पहले खरीदे गए गहनों पर Fair Market Value (FMV) उस समय की ली जाती है.
– इस FMV को Cost Inflation Index (CII) से एडजस्ट किया जाता है, ताकि महंगाई का असर जोड़ा जा सके.
जुलाई 2024 से नया नियम
– 24 महीने तक रखने पर: बिक्री पर होने वाला मुनाफा शॉर्ट टर्म गेन माना जाएगा और टैक्स आपकी इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार लगेगा.
– 24 महीने से ज्यादा रखने पर: लॉन्ग टर्म गेन होगा और 12.5% फ्लैट टैक्स लगेगा; इंडेक्सेशन का लाभ नहीं मिलेगा.
टैक्स छूट की सुविधा
– Section 54F के तहत, अगर गहना बेचकर सारी रकम रेसिडेंशियल प्रॉपर्टी में निवेश करते हैं, तो कैपिटल गेन टैक्स से छूट मिल सकती है.
– छूट का लाभ कुछ शर्तों जैसे प्रॉपर्टी का प्रकार और समय-सीमा को पूरा करने पर मिलेगा.
यह नियम भारत में सोने की ज्वैलरी की खरीद, विरासत, और बिक्री से जुड़े टैक्स को समझने के लिए बेहद जरूरी हैं.









