जांजगीर चांपा संवाददाता – राजेंद्र प्रसाद जायसवाल
पीएम आवास ग्रामीण से कौशल प्रसाद को मिला सम्मान और आत्मविश्वास का नया घर
जिला जांजगीर-चांपा , 20 सितम्बर 2025।
बरसात की टपकती छत, तपती गर्मी और ठिठुराती सर्दी… यह किसी फिल्मी कहानी का दृश्य नहीं, बल्कि ग्राम परसाहीनाला निवासी श्री कौशल प्रसाद के जीवन की सच्चाई थी। गरीबी में हर दिन गुजर-बसर करना उनके लिए किसी जंग से कम नहीं था। पक्के घर का सपना उनकी आंखों में तो था, लेकिन हालात इतने कठिन कि छप्पर की मरम्मत तक कर पाना मुश्किल हो गया था।
नई उम्मीद – प्रधानमंत्री आवास योजना
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने इस संघर्षमय जीवन में नई रोशनी जगाई। शासन की ओर से वर्ष 2024-25 में 1.20 लाख रुपये की सहायता राशि उन्हें स्वीकृत हुई। यह राशि सीधे उनके बैंक खाते में किस्तों के माध्यम से पहुंची। पारदर्शिता और समयबद्धता ने उन्हें बिना किसी बाधा के लाभ दिलाया।
इसी राशि से उन्होंने अपना पक्का मकान तैयार किया। अब उनका परिवार सुरक्षित, मजबूत और सम्मानजनक छत के नीचे रह रहा है। मौसम की मार – चाहे बारिश हो, गर्मी हो या सर्दी – से अब उन्हें डरने की जरूरत नहीं है।
सिर्फ घर नहीं, जीवन में बदलाव
इस योजना का लाभ सिर्फ मकान तक ही सीमित नहीं रहा।
मनरेगा (MGNREGA) के तहत 90 दिवस की मजदूरी ने आर्थिक सहारा दिया।
उज्ज्वला योजना से एलपीजी गैस कनेक्शन मिला, जिससे धुएं से मुक्त सुरक्षित रसोई संभव हुई।
स्वच्छ भारत मिशन से जलवाहित शौचालय मिला, जिससे जीवन की बुनियादी सुविधा पूरी हुई।
अब कौशल प्रसाद का परिवार न केवल सुरक्षित मकान में रह रहा है, बल्कि बेहतर स्वास्थ्य, स्वच्छता और सुविधा से भरा जीवन जी रहा है।
कौशल प्रसाद की जुबानी
“पक्का मकान पाना मेरे लिए केवल सुविधा नहीं, बल्कि आत्मसम्मान की नई शुरुआत है। यह सपना मैंने कभी सोचा भी नहीं था, आज वह हकीकत बन गया।”
उनकी यह खुशी सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह संदेश है कि योजनाएं जब सही हाथों तक पहुंचती हैं, तो उनका असर कितना गहरा और परिवर्तनकारी होता है।
प्रेरणा की कहानी
कौशल प्रसाद की यह यात्रा उन सभी जरूरतमंद परिवारों के लिए प्रेरणा है, जो अभी भी कच्चे घरों में रहते हैं और जीवन की मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी पहलें न सिर्फ पक्के मकान देती हैं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास से भरी नई जिंदगी का द्वार खोलती हैं।









