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बाजारों में मोबाइल चोरी की घटनाएं और उनसे जुड़े साइबर अपराध पर सरगुजा पुलिस का जागरूकता विडिओ जारी।

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लखनपुर संवाददाता विकासअग्रवाल।
अंबिकापुर सरगुजा।।
मोबाइल चोरी की घटनाओ को संज्ञान मे लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा द्वारा जागरूकता उत्पन्न करने विडिओ सन्देश जारी करने दिए गए थे दिशा निर्देश।
भीड़ भाड़ वाले इलाकों, सार्वजानिक परिवहन, बाजारों एवं विभिन्न आयोजनों मे उपस्थित ऐसे व्यक्ति जो अपने मोबाइल को शर्ट के ऊपरी जेब मे रखते हो वो विशेषकर हो जाए सावधान।
मोबाइल चोरी होने के पश्चात कई प्रकरणों मे साइबर अपराध एवं विभिन्न प्रकार की होती है ठगी।
आमनागरिक संचार साथी पोर्टल का उपयोग कर चोरी हुए मोबाइल को ब्लॉक करें पोर्टल से मोबाइल किया जाता है ट्रैक।
मोबाइल चोरी होने पर अपने बैंक को सूचित करें साथ ही सभी बैंक खातों, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन ऐप, एवं डिजिटल वॉलेट को ब्लॉक करवाये, सभी पासवर्ड तत्काल बदले।
बाजारों में मोबाइल चोरी की घटनाएं और उनसे जुड़े साइबर अपराध एक गंभीर समस्या बन चुके हैं। भीड़-भाड़ वाले इलाकों, सार्वजनिक परिवहन और आयोजनों में मोबाइल चोरी की घटनाएं एवं उनसे जुड़े साइबर अपराध की घटना आस पास सुनने को प्राप्त होती है, आदतन मोबाइल चोर गिरोह अक्सर इस तरह की घटनाओं को अंजाम देते हैं। मोबाइल चोर गिरोह अलग-अलग तरीकों से काम करते हैं। वे अक्सर भीड़ वाले बाजारों, बस या रेलवे स्टेशनों और बड़े आयोजनों, धार्मिक स्थलो पर उपस्थित भीड़ भाड़ मे उपस्थित व्यक्तियों को निशाना बनाते हैं। ​
जेबकतरों के गिरोह:-* ये गिरोह बहुत ही शातिर होते हैं। वे भीड़ में घुसकर बड़ी सफाई से लोगों की जेब से मोबाइल निकाल लेते हैं।
झपटमारों के गिरोह:-* ये बाइक या स्कूटर पर सवार होकर चलते हैं और चलते-फिरते लोगों के हाथों से मोबाइल छीनकर फरार हो जाते हैं।
नकली खरीददारों के गिरोह:-* कुछ अपराधी दुकानों से मोबाइल खरीदने का नाटक करते हैं और मौका मिलते ही मोबाइल लेकर भाग जाते हैं।
चोरी हुए मोबाइल से होने वाले साइबर अपराध
​चोरी किया गया मोबाइल सिर्फ एक भौतिक वस्तु नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के डिजिटल जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। चोर मोबाइल का इस्तेमाल सिर्फ उसे बेचने के लिए नहीं, बल्कि विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों को अंजाम देने के लिए भी करते हैं।
वित्तीय धोखाधड़ी:-* ​UPI/डिजिटल वॉलेट से पैसे निकालना: अगर आपका फोन लॉक नहीं है या पासवर्ड कमजोर है, तो चोर आपके फोन में मौजूद UPI ऐप्स (जैसे Google Pay, PhonePe, Paytm) या डिजिटल वॉलेट से पैसे निकाल सकते हैं।
नेट बैंकिंग तक पहुंच:-* यदि आपके फोन में बैंक ऐप्स लॉग इन हैं, तो वे आपके बैंक खाते से पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं।
OTP का दुरुपयोग:-* फोन चोरी होने पर, चोर आपके बैंक खाते या अन्य वित्तीय सेवाओं के लिए आने वाले ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) का इस्तेमाल कर धोखाधड़ी कर सकते हैं।
व्यक्तिगत डेटा की चोरी और दुरुपयोग:-* ​व्यक्तिगत जानकारी का इस्तेमाल: चोर आपके फोन में मौजूद फोटो, वीडियो, संपर्क, ईमेल और अन्य व्यक्तिगत डेटा का उपयोग कर सकते हैं।
फर्जी पहचान बनाना:-* वे आपके डेटा का उपयोग कर सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी बना सकते हैं और आपकी पहचान का दुरुपयोग कर सकते हैं।
ब्लैकमेलिंग:-* आपकी निजी तस्वीरों या वीडियो का इस्तेमाल करके आपको ब्लैकमेल किया जा सकता है।
अपराध में इस्तेमाल:-* चोर आपके फोन का उपयोग किसी अन्य अपराध, जैसे कि धमकी भरे कॉल या मैसेज भेजने, के लिए कर सकते हैं, जिससे पुलिस की जांच आप तक पहुंच सकती है।
मोबाइल चोरी होने पर क्या करें।
​यदि आपका मोबाइल चोरी हो जाता है, तो ​तत्काल नजदीकी पुलिस स्टेशन पर इसकी सूचना प्रदान करें, ​बैंक खाते ब्लॉक कराएं: अपने बैंक को सूचित करें और तुरंत अपने सभी बैंक खाते और डिजिटल वॉलेट को ब्लॉक कराएं। ​संचार साथी पोर्टल का उपयोग करें: भारत सरकार के संचार साथी (Sanchar Saathi) पोर्टल पर जाकर अपने चोरी हुए मोबाइल को ब्लॉक करें। यह पोर्टल आपके फोन को ट्रैक करने और उसे ब्लॉक करने में मदद करता है, जिससे उसका दुरुपयोग नहीं हो पाता। ​सभी पासवर्ड बदलें: अपने ईमेल, सोशल मीडिया अकाउंट और अन्य सभी महत्वपूर्ण खातों के पासवर्ड तुरंत बदल दें, उक्त मोबाइल अथवा नंबर से किसी प्रकार की साइबर अपराध घटित होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
​इन सावधानियों को अपनाकर आप मोबाइल चोरी के बाद होने वाले वित्तीय और व्यक्तिगत नुकसान से बच सकते हैं।

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