कोलकाता और आसपास के इलाकों में रातभर हुई तेज बारिश ने मंगलवार को लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी को बुरी तरह बाधित कर दिया। स्थानीय प्रशासन और आपातकर्मी पानी निकासी के लिए मौके पर तैनात हैं, लेकिन कई इलाकों में सड़कों पर पानी 2 से 3 फुट तक जमा होने से वाहन और पैदल चलना मुश्किल हो गया। इस बारिश में अब तक सात लोगों की मौत की खबर है; अधिकांश मौतें करंट लगने से बताई जा रही हैं।
मेट्रो, रेल और हवाई यातायात प्रभावित
पानी भरने के कारण कोलकाता मेट्रो की कुछ सेवाएँ अस्थायी रूप से बंद करनी पड़ीं, जबकि हावड़ा के रेलवे ट्रैक भी जलमग्न हो गए जिससे कई ट्रेनों को रद्द या फिर से शेड्यूल करना पड़ा। एयरपोर्ट के आसपास के कुछ हिस्सों में भी पानी जमा होने की रिपोर्टें आईं; एयरलाइनों और एयरपोर्ट प्राधिकरण ने यात्रियों को सूचित किया और आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई।
स्थानीय लोगों और प्रशासन की प्रतिक्रिया
कई मोहल्लों में घरों में पानी घुसने की शिकायतें हैं; स्थानीय नैतिक व्यवस्थाएँ और निगम के कर्मचारी पंप चला कर जल निकासी को तेज कर रहे हैं। प्रशासन ने नागरिकों से आवागमन का वैकल्पिक रूट अपनाने तथा खुले तारों और चालक इलाक़ों से दूरी बनाए रहने की अपील की है। राहत और बचाव दल प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने का काम कर रहे हैं।

मौसम विभाग की चेतावनी
इंडियन मौसम एजेंसी (IMD) और संबंधित एजेंसियों ने बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के कारण और भी बारिश की संभावना जताई है और लोगों से सतर्क रहने को कहा गया है। अधिकारियों ने कहा है कि यदि सिस्टम सक्रिय रहा तो अगले 24–48 घंटे में और जलभराव की आशंका बनी रहेगी।
क्या करना चाहिए (राहत और सुरक्षा-सलाह)
1. पानी जमा इलाक़ों में अनावश्यक निकास न करें; संभव हो तो ऊँची जगहों की ओर चले जाएँ।
2. खुले बिजली तारों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी रखें — करंट से मरने का जोखिम बढ़ जाता है।
3. आपातकालीन नंबरों और स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें; यदि घरों में पानी घुस गया है तो विद्युत आपूर्ति बंद करवा दें।
4. बुजुर्गों, बच्चों और बीमारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने में प्राथमिकता दें।









