बांग्लादेश में एक बार फिर हिंसा भड़क चुकी है। इससे आदिवासी बहुल इलाके में तीन लोगों की मौत हो गई। बांग्लादेश के गृह मंत्रालय ने रविवार को एक बयान में बताया कि पहाड़ी जिले खगराचारी में फैली हिंसा में तीन आदिवासी मारे गए हैं। इलाके में तनाव बना हुआ है। वहां सेना और पुलिस तैनात कर दी गई है। बयान में कहा गया, “गृह मंत्रालय ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है, जिसमें खगराछारी जिले के गुइमारा उपजिला में उपद्रवियों के हमले में तीन पहाड़ी लोगों की मौत हो गई और एक मेजर सहित 13 सैन्यकर्मी, गुइमारा पुलिस स्टेशन के ओसी सहित तीन पुलिसकर्मी और कई अन्य घायल हो गए।”
मंत्रालय ने आश्वासन दिया है कि इस घटना में शामिल लोगों के खिलाफ जल्द ही जांच के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। बयान में कहा गया है, “तब तक मंत्रालय ने सभी संबंधित पक्षों से धैर्य और शांति बनाए रखने का अनुरोध किया है।”
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, एक आदिवासी स्कूली छात्रा के साथ कथित गैंगरेप की घटना को लेकर तनाव फैल गया। जम्मु स्टूडेंट्स नामक एक समूह ने गैंगरेप के विरोध में विरोध प्रदर्शन किया। एक समय तो आदिवासियों और बंगालियों के बीच झड़पें भी हुईं। बांग्लादेश सरकार ने इस इलाके में रैलियों पर प्रतिबंध लगा दिया है।
आदिवासी छात्रा के साथ गैंगरेप की घटना सामने आने के बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे। ऐसे में प्रशासन ने धारा 144 लगा दी थी। इसके बावजूद प्रदर्शन हुए और हिंसा भड़की। इससे दर्जनों लोग घायल हुए हैं। दक्षिण-पूर्वी जिले में आदिवासियों और बंगाली समुदाय के सदस्यों के बीच हुई झड़प में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गयी। पुलिस ने तीन लोगों की मौत की पुष्टि की, लेकिन उनकी पहचान उजागर नहीं की। वहीं स्थानीय निवासियों व प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दोनों पक्ष हिंसक हो गए और खगराछारी पहाड़ी जिले में एक-दूसरे की दुकानों व घरों में आग लगा दी।







