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संघ शताब्दी वर्ष पर उत्साह: रायपुर में विशेष आयोजन, युवाओं को जोड़ने पर जोर

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रायपुर संवाददाता – रघुराज
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) इस वर्ष अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने का उत्सव पूरे देश में बड़े उत्साह और जोश के साथ मना रहा है। 1925 में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार द्वारा स्थापित यह संगठन आज देश का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन माना जाता है। समाज सेवा, राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक मूल्यों के लिए ख्याति प्राप्त संघ की शाखाएँ आज गाँव-गाँव और शहर-शहर सक्रिय हैं। छत्तीसगढ़ सहित रायपुर में भी संघ शताब्दी वर्ष के विशेष आयोजन हो रहे हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य युवाओं को समाज-सेवा के साथ जोड़ते हुए एकजुटता का संदेश देना है।
रायपुर के संघ स्वयंसेवक साई नटराज जी ने बताया कि संघ का प्रमुख उद्देश्य सदैव से समाज और देश की सेवा रहा है। उन्होंने कहा, “संघ समाज में एकता और समरसता का संदेश देता है। शाखाओं में होने वाले दैनिक कार्यक्रम जैसे शारीरिक व्यायाम, पथ संचलन, चिंतन और चर्चा लोगों को न केवल अनुशासन सिखाते हैं, बल्कि उन्हें देशभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी की दिशा में प्रेरित भी करते हैं।”
 
 युवाओं को केंद्र में रखकर अभियान  
RSS के शताब्दी वर्ष के इस विशेष पर्व में युवाओं को विशेष रूप से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। संघ मानता है कि आज के युवा ही देश का भविष्य हैं। इसी उद्देश्य से कार्यशालाएं, संवाद कार्यक्रम, सेमिनार और सामाजिक सेवा के लिए विशेष अभियान शुरू किए गए हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को राष्ट्र सेवा, समाज सुधार और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
नटराज जी के अनुसार, संघ द्वारा आयोजित पथ संचलन और शाखा गतिविधियाँ न केवल संगठनात्मक एकता को मजबूत करती हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा का भी संचार करती हैं। उन्होंने कहा, “हमारा प्रयास है कि समाज के सभी वर्गों को एक मंच पर लाया जाए। इससे समाज मजबूत होगा और राष्ट्र भी अधिक सशक्त बनेगा।”
 हर मंडल में विशेष आयोजन  
शताब्दी वर्ष के अवसर पर संघ ने देश के हर मंडल स्तर तक विशेष आयोजन करने की रूपरेखा बनाई है। इन आयोजनों में पिछले सौ वर्षों की उपलब्धियों के साथ अगले 100 वर्षों की योजनाओं और नीतियों को भी साझा किया जाएगा। इन्हीं कार्यक्रमों के दौरान संघ का मूल लक्ष्य—हिंदू समाज को एकजुट करना, आत्मनिर्भरता का संदेश देना और सेवा की भावना को व्यापक स्तर तक पहुँचाना—एक बार फिर से स्पष्ट किया जाएगा।
 विरोधी ताकतों को बेनकाब करने का संकल्प  
संघ ने इस अवसर पर समाज को जागरूक करने के साथ-साथ उन ताकतों को भी उजागर करने का संकल्प लिया है जो राष्ट्र विरोधी गतिविधियों से समाज को तोड़ने और गुमराह करने का प्रयास करती हैं। नटराज जी ने कहा कि जमीनी स्तर पर संघ का कार्य और सशक्त होगा और स्वयंसेवक गाँव-गाँव, शहर-शहर जाकर सेवा और एकता का संदेश देंगे।
 समाज और राष्ट्र के लिए संकल्प
संघ का मानना है कि समाज में एकता ही देश की वास्तविक शक्ति है। इसी विचार को ध्यान में रखते हुए शताब्दी वर्ष में संघ का दृढ़ संकल्प है कि वह समाज के हर वर्ग को एक साथ जोड़कर राष्ट्र को नई ऊंचाइयों की ओर ले जाएगा। नटराज जी ने स्पष्ट किया, “शताब्दी वर्ष केवल उत्सव का अवसर नहीं है, बल्कि यह समाज और राष्ट्र निर्माण के लिए नए संकल्प लेने का माध्यम है।”
रायपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में आयोजित इन विशेष कार्यक्रमों के माध्यम से संघ का प्रयास है कि वह युवा पीढ़ी के साथ मिलकर संगठनात्मक, सामाजिक और सांस्कृतिक शक्ति को और मजबूत करे और देश को प्रगति, सेवा और एकता के पथ पर ले जाने में अहम भूमिका निभाए।

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