बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा
जगदलपुर, 10 अक्टूबर 2025 —
छत्तीसगढ़ स्वामी आत्मानंद संविदा शिक्षक एवं कर्मचारी संघ, बस्तर जिले के शिक्षकों ने आज अपनी समस्याओं और अधिकारों को लेकर एकजुटता का परिचय देते हुए कलेक्टर एवं जिला शिक्षा अधिकारी बस्तर को 9 सूत्रीय मांग-पत्र सौंपा।
यह ज्ञापन संभाग अध्यक्ष राहुल कुमार पांडेय के मार्गदर्शन, प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती हेमांगिनी पांडेय के मार्गदर्शनात्मक सहयोग तथा जिला अध्यक्ष प्रवीण अर्डे के नेतृत्व में सौंपा गया।
शिक्षकों ने कहा कि वे वर्षों से निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ शिक्षा के क्षेत्र में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं, परंतु अब भी उन्हें सेवा स्थायित्व, समान वेतन, पदोन्नति, भविष्य सुरक्षा एवं कार्य की निरंतरता जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है।

संविदा शिक्षकों ने प्रशासन से आग्रह किया कि उनकी 9 सूत्रीय मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए, ताकि वे सम्मान और स्थायित्व के साथ शिक्षा की गुणवत्ता को और सशक्त बना सकें।
जिला अध्यक्ष प्रवीण अर्डे ने कहा कि यह संघर्ष किसी असंतोष का प्रतीक नहीं, बल्कि सम्मान और न्याय की उम्मीद की आवाज़ है।
वहीं संभाग अध्यक्ष राहुल कुमार पांडेय ने शिक्षकों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा —
“हमारा उद्देश्य टकराव नहीं, समाधान है। जब शिक्षक की आवाज़ मजबूत होगी, तब शिक्षा की नींव भी मजबूत होगी।”
प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती हेमांगिनी पांडेय ने कहा कि स्वामी आत्मानंद विद्यालयों के संविदा शिक्षक शिक्षा के प्रति समर्पण और सेवा की मिसाल हैं।

“सरकार को चाहिए कि इन शिक्षकों के परिश्रम को पहचानते हुए उन्हें स्थायीता और समान अधिकार दे, क्योंकि शिक्षित समाज की नींव इन्हीं शिक्षकों के समर्पण से रखी जाती है।”
इस अवसर पर संघ के जिला पदाधिकारी एवं सभी स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों के संविदा शिक्षक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और एक स्वर में अपनी एकता, निष्ठा और न्याय के प्रति अटूट विश्वास व्यक्त किया।









