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जिला पंचायत उपाध्यक्ष अरविन्द कुंजाम ने किया बचेली के स्कूलों का आकस्मिक निरीक्षण — शिक्षकों की जवाबदेही और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर दिया जोर

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दंतेवाडा संवाददाता – रिकेश्वर राणा
दंतेवाड़ा, 13 अक्टूबर 2025।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष एवं शिक्षा विभाग के सभापति अरविन्द कुंजाम ने आज बचेली क्षेत्र के विभिन्न शासकीय विद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण किया ।निरीक्षण के दौरान पीएम श्री प्राथमिक शाला सरस्वती स्कूल बचेली, प्राथमिक शाला डीएनके–01 बचेली, आदर्श माध्यमिक शाला बचेली, कन्या माध्यमिक शाला बचेली तथा कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल बचेली का भ्रमण कर शिक्षण व्यवस्था, विद्यार्थियों की उपस्थिति और विद्यालयीन गतिविधियों की विस्तार से श्री कुंजंम ने समीक्षा किया ।निरीक्षण के दौरान पीएम श्री स्कूल बचेली में लंबे समय से अनुपस्थित शिक्षक पर श्री कुंजाम ने कड़ी नाराज़गी जताई और जिला शिक्षा अधिकारी को तत्काल प्रभाव से अनुशासनात्मक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की जिम्मेदारी विद्यार्थियों को सीखाने की प्रक्रिया से जुड़ी है और अनुपस्थित रहना शिक्षा व्यवस्था के प्रति गंभीर लापरवाही दर्शाता है।
इसके अतिरिक्त, हाई स्कूल बचेली का भी निरीक्षण किया गया, जहाँ विद्यालय वर्तमान में दो पाली में संचालित हो रहा है। श्री कुंजाम ने विद्यालय परिसर में चल रहे नए भवन निर्माण कार्य की धीमी गति पर असंतोष व्यक्त करते हुए इसे शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षण वातावरण और आवश्यक कक्षाओं की सुविधा समय पर मिल सके।
उन्होंने निरीक्षण के दौरान यह भी पाया कि जिने विद्यालय में कुछ विषयों के शिक्षकों की कमी है। इस पर श्री कुंजाम ने जिला शिक्षा अधिकारी को शीघ्र शिक्षक पदस्थापना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जहाँ शिक्षक रिक्त हैं, वहाँ प्राथमिकता से योग्य शिक्षकों की नियुक्ति की जाए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।इसके साथ ही उन्होंने विद्यालयों में पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई, पुस्तकालय और स्मार्ट क्लास की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने शिक्षा विभाग को निर्देशित किया कि सभी विद्यालयों में बुनियादी सुविधाएँ मानक के अनुरूप और क्रियाशील स्थिति में रहें।
उपाध्यक्ष श्री कुंजाम ने कहा कि शिक्षा बच्चों के भविष्य की नींव है और प्रत्येक विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, शिक्षक उपस्थिति और विद्यार्थी अनुशासन सुनिश्चित करना सभी का दायित्व है। उन्होंने शिक्षकों से नियमित रूप से विद्यालय में उपस्थित रहकर विद्यार्थियों को प्रेरणादायी वातावरण प्रदान करने का आह्वान किया।

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