गाजा में संघर्षविराम के बीच हालात एक बार फिर तनावपूर्ण होते दिख रहे हैं। हमास ने सड़कों पर दोबारा नियंत्रण हासिल करने के लिए अभियान शुरू किया है, जिसके दौरान उसके लड़ाकों ने कई संदिग्ध अपराधियों को मार गिराया। संगठन का दावा है कि यह कदम कानून-व्यवस्था बहाल करने की दिशा में उठाया गया है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी कार्रवाई संघर्षविराम की स्थिरता को कमजोर कर सकती है। स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों ने इस कदम को राहत देने वाला बताया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता है कि हमास के हथियार न डालने के फैसले से शांति प्रक्रिया पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हमास ने कुछ ‘बुरे गिरोहों’ को खत्म किया है और “इससे मुझे कोई आपत्ति नहीं” जैसी टिप्पणियाँ कीं, साथ ही उन्होंने दोहराया कि हमास को अपना हथियार छोड़ना होगा — और अगर वे स्वयं नहीं करेंगे तो अमेरिका (या अंतरराष्ट्रीय गठन) उन्हें निहत्था कर देगा। यह आदेश-सा गहरा दबाव है क्योंकि ट्रम्प के मध्यस्थता वाले संघर्षविराम/शांति प्रस्ताव में हमास की निरस्त्रीकरण और सत्ता की अस्थायी अंतरराष्ट्रीय निगरानी को सौंपने जैसी शर्तें शामिल हैं, पर वह प्रक्रिया अभी पूरी या लागू नहीं हुई है।
गाजा में हालात अब भी बेहद अस्थिर बने हुए हैं। इज़रायल के हमलों के बाद बीते महीनों में क्षेत्र की कानून-व्यवस्था लगभग ढह गई थी। हमास के सुरक्षा बलों के हटने के बाद स्थानीय गिरोहों और प्रभावशाली परिवारों ने सत्ता का खालीपन भरने की कोशिश की। इन समूहों पर मानवीय सहायता लूटने, कालाबाजारी करने और आम लोगों पर अत्याचार करने के आरोप लगे हैं।









