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‘महाभारत’ के कर्ण पंकज धीर का निधन: आखिरी सांस तक निभाई ज़िंदगी से जंग, जानिए कैसे मिला था उनका आइकॉनिक रोल

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टीवी जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। ‘महाभारत’ में कर्ण का अमर किरदार निभाने वाले मशहूर अभिनेता पंकज धीर (Pankaj Dheer) का निधन हो गया है। मिली जानकारी के अनुसार, उन्होंने 15 अक्टूबर को सुबह करीब 11:30 बजे मुंबई में अंतिम सांस ली। उनके निधन की पुष्टि उनके सह-कलाकार अर्जुन फिरोज खान (Arjun Feroz Khan) ने की, जिन्होंने सीरीज में अर्जुन का किरदार निभाया था।

बताया जा रहा है कि पंकज धीर लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे, और आज बीमारी से लड़ते हुए उन्होंने ज़िंदगी की जंग हार दी। उनका अंतिम संस्कार आज शाम 4:30 बजे मुंबई के विले पार्ले में किया जाएगा। पंकज धीर न सिर्फ एक बेहतरीन कलाकार थे, बल्कि वे CINTAA (सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन) के पूर्व जनरल सेक्रेटरी भी रह चुके थे। उनके निधन से टीवी और फिल्म इंडस्ट्री दोनों में शोक की लहर दौड़ गई है।
फिलहाल उनके बेटे निकितन धीर (Nikitin Dheer) की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

कैसे मिला था कर्ण का रोल?

पंकज धीर ने अपने करियर में कई यादगार भूमिकाएँ निभाईं, लेकिन 1988 में बी.आर. चोपड़ा की ‘महाभारत’ में कर्ण का किरदार उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।

एक पुराने इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि शुरुआत में वे अर्जुन की भूमिका के लिए ऑडिशन देने गए थे। ऑडिशन अच्छा जाने के बावजूद उन्हें रोल नहीं मिला, क्योंकि मेकर्स चाहते थे कि अर्जुन का किरदार निभाने वाला कलाकार बृहन्नला के रूप में मूंछें हटवाए।

पंकज धीर ने यह करने से इनकार कर दिया था, जिससे बी.आर. चोपड़ा नाराज़ हो गए और उन्होंने उनका कॉन्ट्रैक्ट फाड़ दिया। इसके बाद पंकज करीब छह महीने तक बिना काम के संघर्ष करते रहे। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था — कुछ समय बाद उन्हीं बी.आर. चोपड़ा ने उन्हें कर्ण की भूमिका के लिए बुलाया, और वही किरदार उनकी पहचान बन गया।

उनके संवाद, उनकी गंभीरता और अभिनय की गहराई ने कर्ण के किरदार को टीवी इतिहास में अमर कर दिया। आज भी दर्शक पंकज धीर को उसी किरदार के लिए याद करते हैं।

पंकज धीर ने अपने अभिनय से न सिर्फ एक युग बनाया, बल्कि साबित किया कि सच्ची कला समय से परे होती है। उनके योगदान को आने वाली पीढ़ियाँ भी याद रखेंगी।

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