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सेवा पखवाड़ा में उजागर हुई स्वच्छता की हकीकत…मंदरौद का ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र बना शोपीस सेवा पखवाड़ा महज दिखावा

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रिपोर्ट- खिलेश साहू

कुरूद:- ब्लॉक अंतर्गत ग्राम मंदरौद में सेवा पखवाड़ा के दौरान स्वच्छ भारत मिशन की हकीकत उजागर हो गई है। ग्राम पंचायत मंदरौद में लगभग 7 लाख रुपये की लागत से निर्मित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र (कूड़ा घर) आज केवल एक शोपीस बनकर रह गया है।वास्तविक स्थिति यह है कि केंद्र में कचरा डालने के बजाय आसपास की सड़कों के किनारे कचरा फेंका जा रहा है। प्लास्टिक और गंदगी का अंबार जगह-जगह फैला हुआ है, जिससे राहगीरों को दुर्गंध और अस्वच्छता का सामना करना पड़ रहा है।स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के दौरान सरपंच भीखम लहरे ने स्वच्छता और सफाई के नाम पर वोट मांगे थे, लेकिन अब ग्राम में सफाई व्यवस्था बदहाल है। ग्राम पंचायत द्वारा बनाए गए कचरा प्रबंधन केंद्र का उपयोग न होने से योजना का उद्देश्य विफल हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार लगभग 7 लाख रुपये की लागत से तैयार यह केंद्र कभी भी उपयोग में नहीं लाया गया।

पत्रकार द्वारा पूछे जाने पर सरपंच भीखम लहरे ने कहा — “पूर्व सरपंच ने ही साफ-सफाई कराई होगी।” आगे पूछने पर उन्होंने सचिव प्रकाश चंद्राकर का हवाला देते हुए जवाब टाल दिया।

सचिव प्रकाश चंद्राकर ने बताया कि “अभी कुछ ही दिन पहले सेवा पखवाड़ा के दौरान सफाई की गई थी।” हालांकि स्थल निरीक्षण के दौरान यह साफ दिखा कि कूड़ा घर के बाहर कचरा बिखरा हुआ है और स्वच्छता अभियान की सच्चाई सामने आ रही है।ग्रामीणों का कहना है कि सरपंच और पंचायत प्रतिनिधि सफाई व्यवस्था को लेकर निष्क्रिय हैं। सड़कों पर फैला कचरा न केवल पर्यावरण को दूषित कर रहा है बल्कि बीमारियों और संक्रमण का खतरा भी बढ़ा रहा है।ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र को चालू किया जाए और स्वच्छता व्यवस्था में सुधार लाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि ग्राम मंदरौद फिर से स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण प्राप्त कर सके।

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