शहरी गरीब और मध्यम वर्ग के लिए बड़ी खुशखबरी है। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 (PMAY-Urban 2.0) के तहत 1.41 लाख और घरों के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के साथ ही योजना के तहत अब तक मंजूरी मिल चुकी कुल घरों की संख्या 10 लाख से ज्यादा हो गई है।
केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने इस निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि यह मंजूरी सेंट्रल सैंक्शनिंग एंड मॉनिटरिंग कमेटी (CSMC) की बैठक में दी गई, जिसकी अध्यक्षता आवास और शहरी मामलों के सचिव स्रीनिवास कटिकिथाला ने की। बैठक में योजना की प्रगति की समीक्षा की गई और घरों के समय पर निर्माण और वितरण को सुनिश्चित करने के लिए रणनीतियों पर चर्चा हुई।
नई मंजूरी के तहत 14 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं- असम, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, पुदुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, मेघालय, हरियाणा, ओडिशा, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश। मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को यह सुनिश्चित करने के लिए प्रोत्साहित किया कि घरों के निर्माण के स्थान पर पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर, सड़कें, सार्वजनिक परिवहन और कनेक्टिविटी मौजूद हो, ताकि लाभार्थियों को आसानी से जीवन यापन की सुविधा मिल सके।
मंत्रालय ने बताया कि PMAY-Urban 2.0 का मकसद शहर के गरीब और जरूरतमंद लोगों को सुरक्षित और आरामदायक घर देना है। यह योजना समाज में सभी के लिए समान अवसर लाने में मदद करती है और गरीब परिवारों को पक्का घर दिलाकर उनका जीवन स्तर सुधारती है। साथ ही, इस योजना में महिलाओं को सशक्त बनाने पर भी ध्यान दिया गया है। ज्यादातर घरों की मंजूरी महिला परिवार प्रमुख के नाम या सह-स्वामित्व में दी जाती है, जिससे महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक स्थिति मजबूत होती है। सचिव श्री कटिकिथाला ने बैठक में कहा कि हम चाहते हैं कि घरों के निर्माण के लिए ऐसे स्थानों का चयन किया जाए जहाँ रहने की सुविधाएं और कनेक्टिविटी बेहतर हों। यह कदम लाभार्थियों के लिए जीवन को सरल और सुविधाजनक बनाएगा।









