= करपावंड में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत अधूरा मार्ग निर्माण =
= बरसात का बहाना बना रहे हैं विभाग के अधिकारी =
= गड्ढों से परेशान ग्रामीणों ने उठा लिया है भ्रष्टाचार के गड्ढों को पाटने का बीड़ा =
-अर्जुन झा-
बकावंड। करीब 90 लाख रुपयों की लागत से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनाई गई सड़क मिट्टी में मिल गई। विभाग के अधिकारी अपनी आंखों में पट्टी बांधे और कानों में रुई ठूंसे बैठे रहे। बनाना था डामरीकरण वाली सड़क, मगर बना दी मिट्टी और मुरुम की। उसमें भी ऎसी गड़बड़ी हुई कि कुछ ही दिनों में यह सड़क कीचड़ और गड्ढों से लबरेज हो गई। ग्रामीण परेशानियों से जूझते रहे और सिस्टम सोता रहा। सिस्टम जब सोता रह जाता है, तब नागरिकों को अपनी समस्या से खुद ही लड़ना पड़ता है। ऐसा ही कुछ हुआ है बकावंड विकासखंड के करपावंड में।
जगदलपुर से उड़ीसा जाने मुख्य सड़क करपावंड से होकर गुजरती है। करपावंड में इसी सड़क के कुछ हिस्से का निर्माण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत किया गया है। अब यह सड़क बुरी तरह बदहाल हो चुकी है। सड़क पर अनगिनत गड्ढे हो गए हैं। बरसात के दिनों में यह सड़क कीचड़ से सराबोर हो गई थी। इस सड़क पर सफर करना बड़ा ही जोखिम भरा हो गया है। ग्रामीणों की नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ग्राम पंचायत करपावंड मे सड़क निर्माण कार्य में
घोर लापरवाही सामने आई है। डामरीकरण के नाम पर सिर्फ लीपापोती की गई है। जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 88.98 लाख रुपए की लागत से स्वीकृत इस सड़क का निर्माण कार्य 11 दिसंबर 2024 से शुरू होना था और 12 जून 2025 तक इसे पूर्ण कर लिया जाना था।इसका ठेका मेसर्स कुशवाहा कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय सीमा बीतने के बावजूद डामरीकरण का कार्य अधर में लटका हुआ है बड़े गड्ढों में तब्दील सड़क, दुर्घटनाओं और का खतरे का सबब बन गई है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं। डामरीकरण नहीं होने से मिट्टी व कच्ची सड़क पर बारिश का पानी भर गया है, जिससे दोपहिया व चारपहिया वाहनों की आवाजाही में बेहद दिक्कत हो रही है। छोटी गाड़ियों को बड़ी गाड़ियों से हादसा होने का संभावना हमेशा बनी रहती है। इससे तंग आकर ग्रामीणों ने अब खुद ही सड़क पर हुए भ्रष्टाचार के गड्ढों को पाटने का बीड़ा उठाया है। करपावंड के ग्रामीण, सरपंच, पंच और समाजसेवी संगठन संभागीय ब्यूरो के कार्यकर्ता कुदाल, फावड़े लेकर भ्रष्टाचार के गड्ढों को पाटने का काम कर रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा है कि अगर सड़क का डामरीकरण कार्य जल्द शुरू नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।
बारिश के कारण रुका है काम
लगातार बारिश के कारण सड़क के डामरीकरण का काम रोकना पड़ा है। बरसात खत्म होते ही डामरीकरण का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
-धनंजय देवांगन,
एसडीओ, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना









