नई दिल्ली-
त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ ही सर्राफा बाजार में सोना और चांदी दोनों ने जबरदस्त तेजी पकड़ी है। निवेशकों की नजरें इस उछाल पर टिकी हैं क्योंकि एक हफ्ते में ही सोने की कीमत 8 हजार रुपये से ज्यादा बढ़ गई है, जबकि चांदी ने भी करीब 5 हजार रुपये की छलांग लगाई है।
सोना-चांदी दोनों चमके, निवेशकों की लौटी मुस्कान
इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के मुताबिक,
10 अक्टूबर को 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,21,525 थी,
जो 17 अक्टूबर तक बढ़कर ₹1,29,584 प्रति 10 ग्राम हो गई — यानी ₹8,059 की बढ़त।
वहीं चांदी की कीमत ₹4,730 बढ़कर ₹1,69,230 प्रति किलो पहुंच गई है।
2025 बना ‘गोल्डन ईयर’: सोने में 70% तक का रिटर्न, चांदी ने लगभग दोगुना मुनाफा दिया
इस साल की शुरुआत से अब तक सोने ने करीब 70% का रिटर्न दिया है।
31 दिसंबर 2024 को सोने की कीमत ₹76,162 प्रति 10 ग्राम थी,
जो अब बढ़कर ₹1,29,584 हो गई है।
चांदी ने तो और भी शानदार प्रदर्शन किया —
साल की शुरुआत में ₹86,017 प्रति किलो रही कीमत अब ₹1,69,230 पहुंच गई है,
यानि लगभग 97% की बढ़त।
क्या सोना अब ₹1.5 लाख तक पहुंचेगा? एक्सपर्ट्स की राय
गोल्डमैन सैक्स की रिपोर्ट के अनुसार, 2026 तक सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमतें
5000 डॉलर प्रति औंस तक जा सकती हैं।
भारतीय बाजार में इसका मतलब होगा करीब ₹1,55,000 प्रति 10 ग्राम।
वहीं, पीएल कैपिटल के डायरेक्टर संदीप रायचुरा का कहना है कि सोना आने वाले महीनों में
₹1,44,000 तक जा सकता है।
सोने की तेजी के तीन बड़े कारण
1. त्योहारी मांग: धनतेरस, दिवाली और शादी-ब्याह के सीजन में पारंपरिक तौर पर सोना खरीदा जाता है।
2. भूराजनीतिक तनाव: मिडिल ईस्ट और अमेरिका-चीन के बीच बढ़ती अनिश्चितता से सोने में ‘सेफ इन्वेस्टमेंट’ बढ़ा है।
3. सेंट्रल बैंकों की खरीद: डॉलर निर्भरता कम करने के लिए दुनिया भर के केंद्रीय बैंक सोना जमा कर रहे हैं।
चांदी की कीमतों में उछाल के तीन प्रमुख कारण
त्योहारों और औद्योगिक मांग में बढ़ोतरी
रुपये की कमजोरी
इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर सेक्टर में चांदी की बढ़ती खपत
खरीदारी से पहले रखें ये सावधानियां
हमेशा BIS हॉलमार्क वाला गोल्ड ही खरीदें।
खरीदारी से पहले IBJA या विश्वसनीय स्रोत से भाव जरूर जांचें।
बाजार में तेजी के बीच निवेशक भावनाओं से नहीं, समझदारी से निर्णय लें।









