बेटा कमरे से भागकर बचा, परिवार पर टूटा दूसरा बड़ा संकट — पहले ही पिता की सड़क हादसे में हो चुकी थी मौत
छत्तीसगढ़ के बालोद में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां एक मां ने किसी अज्ञात कारण से अपनी ही मासूम बेटी की हत्या कर दी और फिर खुद फांसी लगाकर जान दे दी। घटना के वक्त दोनों के साथ बेटा भी मौजूद था, जो किसी तरह कमरे से भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहा।
पुलिस के मुताबिक, मृतका महिला का पति पुलिस विभाग में आरक्षक था जिसकी कुछ वर्ष पहले एक सड़क हादसे में मौत हो चुकी थी। पति की मृत्यु के बाद से महिला मानसिक और आर्थिक दोनों ही तरह से परेशान रहती थी। बताया जा रहा है कि बीती रात उसने किसी बात को लेकर अपनी 10 वर्षीय बेटी की गला दबाकर हत्या कर दी और फिर पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली।
मृतका का नाम निकिता पटौदी है, मृत बेटी का नाम वैभवी है जो 10 वर्ष की थी, बेटा रविन्द्र 8 वी का छात्र है जो बचकर भागने में सफल रहा l बताया जा रहा है माँ ने पहले बेटे की गला दबाकर मरने की कोशिश की थी
घटना का खुलासा तब हुआ जब सुबह पड़ोसियों ने महिला के घर का दरवाजा अंदर से बंद पाया। आवाज देने पर कोई जवाब नहीं मिला तो लोगों ने दरवाजा तोड़ा। अंदर का नजारा देखकर सबके होश उड़ गए — मां और बेटी के शव कमरे में पड़े थे, जबकि डरा-सहमा बेटा कोने में छिपा मिला।
बेटे ने पुलिस को बताया कि उसकी मां ने पहले बहन को मारा, फिर खुद को फांसी पर लटका लिया। वह डर के मारे बाहर भाग गया था। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
पड़ोसियों के अनुसार, महिला बीते कुछ दिनों से काफी तनाव में थी। पति की मौत के बाद वह अकेले ही बच्चों की परवरिश कर रही थी। पुलिस इस मामले को पारिवारिक तनाव और मानसिक अवसाद से जुड़ा मान रही है, हालांकि वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद स्पष्ट होगा।









