-श्री सिद्ध हनुमान मंदिर परिवार सनातन संस्कृति का संवाहक… अधिवक्ता चितरंजय पटेल
भारतीय संस्कृति एवम् परंपरा आज भी विश्व में सर्वश्रेष्ठ है जहां व्यक्ति के साथ जीव_जंतु पशु_पक्षी, पेड़_पौधे, नभ_जल_थल आदि के सम्मान व पूजन की परंपरा है चाहे जीवित अथवा मृत ही क्यों न हो?
इन्हीं परंपराओं में से एक रिवाज मृत स्वजनों अर्थात पितरों का पूजन भारतीय संस्कृति व परंपरा का अभिन्न व अनवरत हिस्सा रहा है और इस परंपरा को आत्मसात करते हुए सक्ती मुक्तिधाम को दिन प्रतिदिन संवारने में लगा श्री सिद्ध हनुमान मंदिर परिवार, सक्ती ने आज मुक्तिधाम में एक दिया पितरों के नाम के आगाज के साथ स्वर्गवासी स्मृतिशेष स्वजनों की याद में सामूहिक दीप प्रज्वलन कर श्रद्धांजलि अर्पित किया।
मान्यता है कि कार्तिक अमावस्या के दिन हमारे स्वर्गवासी स्वजन पितृ पक्ष के दरमियान भू_लोक में अपने स्वजनों से तर्पण_पूजन स्वीकार करने के बाद पुनः बैकुंठवास के लिए स्वर्ग द्वार पर पहुंचते हैं जहां एक पल पलट कर अपने परिजनों पर एक नजर डालते हैं तथा अपने परिजनों को एक साथ खड़े होकर दिए की रोशनी में अभिवादन करते देख कर उन्हें अपार तृप्ति व शांति होती है।

इसी संस्कृति व परंपरा तथा मान्यता के निर्वहन में श्री सिद्ध हनुमान मंदिर परिवार – सक्ती के द्वारा मुक्तिधाम संरक्षण के साथ प्रतिवर्ष कार्तिक अमावस्या याने दीपावली के पावन अवसर पर ” एक दिया पितरों के नाम ” के आगाज के साथ दीप प्रज्ज्वलन के साथ श्रेष्ठ भारतीय संस्कृति व परंपराओं का अनुसरण करते हुए सनातन हिन्दू धर्म के संवाहक की भूमिका निभाते आ रहे हैं ।
उक्त जानकारी देते हुए श्री सिद्ध हनुमान मंदिर परिवार के संरक्षक एवं उच्च न्यायालय अधिवक्ता चितरंजय पटेल ने बताया कि श्री सिद्ध हनुमान मंदिर परिवार,शक्ति अंचल में धार्मिक_आध्यात्मिक_सामाजिक परंपराओं में सक्रिय सहभागिता के साथ मुक्तिधाम संरक्षण_संवर्धन के कार्य को बखूबी अंजाम दे रही है और आज इस परंपरा के निर्वाह में एक दिया पितरों के नाम; कार्यक्रम में नारायण मौर्य कोंडके, सोनू देवांगन, राकेश टंडन, हुतासन देवांगन, ठाकुर मयंक सिंह,पप्पू खर्रा, अमित तंबोली, विकास तंबोली, सुरेश देवांगन, रिंकू निर्मलकर, मोनू साहू,प्रकाश जायसवाल, दीपेश जायसवाल,विशाल, श्रीमती संतोष देवांगन, श्रीमती पुष्पा लीलाधर यादव आदि हनुमान परिवार सदस्यों के साथ नगरवासियों ने एक दिया जलाकर अपने पितरों का पूजन किया जिनके दिए संस्कार व आशीर्वाद से समाज में हम सब एक पहिचान के साथ खड़ा होने के काबिल हुए हैं।
विदित हो कि विगत वर्षों में एक दिया पितरों के नाम में ब्रह्माकुमारिज बहनों के साथ दीप प्रज्जवलित कर पितृ पूजन किया गया था। आज श्री सिद्ध हनुमान मंदिर के पुजारी ओमप्रकाश वैष्णव ने परिवार के बच्चों के साथ मिलकर मुक्तिधाम परिसर को दीपमालाओं से सजाया।









