-मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को टीचर्स एसोसिएशन ने सौंपा ज्ञापन =
अर्जुन झा/जगदलपुर। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश व्यापी कार्यक्रम के तहत बस्तर जिले के एलबी संवर्ग के शिक्षकों ने अपनी मांग दोहराते हुए मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, मुख्यसचिव, शिक्षा सचिव एवं शिक्षा संचालक के नाम कलेक्टर बस्तर को अपना ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन मे टेट परीक्षा अनिवार्यता के संबंध में शिक्षकों ने सुप्रीम कोर्ट से 1 सितंबर 2025 को पारित निंर्णय जिसमें 5 वर्ष से अधिक सेवा वाले शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को अनिवार्य किया गया है जबकि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 17 अगस्त 2012 को जारी छत्तीसगढ़ राजपत्र शिक्षक पंचायत संवर्ग भर्ती तथा सेवा की शर्ते नियम 2012 के तहत शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को अनिवार्य किया गया है। इसके पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) अनिवार्य नहीं था। सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर कर 17 अगस्त 2012 के पूर्व के नियुक्त सेवारत शिक्षकों के हितों की रक्षा करने के लिए छत्तीसगढ शासन द्वारा आवश्यक पहल करने की मांग की है। एल बी संवर्ग के शिक्षकों के पेंशन निर्धारण के लिए पेंशन हेतु सेवा अवधि की गणना संविलियन दिनांक 1 जुलाई 2018 से करने के कारण वर्ष 2028 के पूर्व सेवानिवृत होने वाले एलबी संवर्ग के शिक्षकों को पुरानी पेशन का लाभ नहीं मिल रहा है, अतः पूर्व सेवा प्रथम नियुक्ति अवधि की गणना करते हुए समस्त शिक्षक एलबी संवर्ग के लिए पुरानी पेंशन निर्धारित करने की मांग की गई।

संघ ने कहा कि भारत सरकार द्वारा 2 सितंबर 2008 को उत्तरप्रदेश सरकार द्वारा दिनांक 16 सितंबर 2009 को तथा उत्तराखड सरकार द्वारा 29 अक्टूबर 2010 को आदेश जारी कर 33 वर्षं की अर्हकारी सेवा में पूर्ण पेंशन के स्थान पर 20 वर्ष अर्हकारी सेवा में पूर्ण पेशन का प्रावधान किया गया है, सेवानिवृत होने पर छत्तीसगढ़ में 33 वर्ष की अर्हकारी सेवा में पूर्ण पेंशन का नियम है। इसलिए भारत सरकार, उत्तरप्रदेश एवं उत्तराखंड सरकार के समान 20 वर्ष की अर्हकारी सेवा में अंतिम वेतन की 50 प्रतिशत पेंशन का प्रावधान करने एवं उच्च न्यायालय बिलासपुर की डबल बेंच द्वारा याचिका पर 28 फरवरी 2024 को पारित निर्णय के तहत सभी पात्र एलबी संवर्ग के शिक्षकों के लिए क्रमोन्नति समयमान देने का आदेश जारी करने की मांग की। ज्ञापन सौंपने के दौरान संघ के प्रवीण श्रीवास्तव, लुदरसन कश्यप, मोहम्मद ताहिर शेख, अमित पॉल, शरद श्रीवास्तव, पवन भट्ट, गजराज सिंह, दुर्योधन पटेल, दिलीप कुमार भारती आदि पदाधिकारी उपस्थित रहे।









