= अबूझमाड़ के सुदूर गोट गांव में हुई दर्दनाक घटना =
-अर्जुन झा-
जगदलपुर। बस्तर संभाग के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में स्थित ग्राम पंचायत डूंगा के आश्रित गांव गोट में गुरुवार को फूड पॉइजनिंग की बड़ी ही दर्दनाक घटना हो गई, जिसने पूरे जिले को दहला कर रख दिया है। गांव में आयोजित एक छट्ठी कार्यक्रम के सामूहिक भोज के बाद अब तक पांच मासूम बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि कई ग्रामीण और बच्चे गंभीर रूप से बीमार हैं।इस हृदयविदारक हादसे के बाद पूरे गांव में शोक और दहशत का माहौल व्याप्त है।
जानकारी के अनुसार गोट गांव के एक परिवार में छट्ठी समारोह आयोजित था। इसमें नाते रिश्तेदारों के साथ ही पूरे गांव के लोगों के लिए भोज का कार्यक्रम भी रखा गया था। भोजन करने के कुछ ही घंटों बाद ग्रामीणों और बच्चों में उल्टी-दस्त, चक्कर और बेहोशी जैसे गंभीर लक्षण दिखाई देने लगे। देखते ही देखते कई लोगों की हालत बिगड़ गई। दुर्गम क्षेत्र होने के कारण, बीमारों को तत्काल स्वास्थ्य केंद्र ले जाने में काफी कठिनाई हुई। आनन-फानन में उन्हें चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की कोशिश की गई, लेकिन तब तक पांच मासूम बच्चों की जान जा चुकी थी। दर्जनों लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है।घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग तत्काल हरकत में आया। नारायणपुर जिला अस्पताल और भैरमगढ़ स्वास्थ्य केंद्र से चिकित्सा टीमों को तुरंत गोट गांव के लिए रवाना किया गया। कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि स्वास्थ्य अमला मौके पर है और बीमारों का उपचार युद्धस्तर पर जारी है।प्रशासन ने बीमारी फैलने का प्राथमिक कारण छट्ठी के भोजन को माना है। इसकी पुष्टि के लिए भोजन के सैंपल लेकर फूड लैब में परीक्षण के लिए भेजे जा रहे हैं, ताकि वास्तविक कारणों का पता चल सके।
गांव में मातम और निगरानी
पांच बच्चों की मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है, और प्रशासनिक अधिकारी हालात पर लगातार कड़ी नजर रखे हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर बीमारों की जांच कर रही ha और उन्हें चिकित्सा सहायता प्रदान कर रही हैं। प्रशासन ने लोगों से संदिग्ध भोजन या पानी से परहेज़ करने की अपील की है। लापरवाही की अनदेखी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना इस संवेदनशील क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था की उपलब्धता पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।









