संवाददाता – रौशनी सोनी
छत्तीसगढ़ में इस साल 15 नवंबर से धान खरीदी की शुरुआत होनी है, लेकिन खरीदी से पहले ही सरकार के सामने नई मुश्किल खड़ी हो गई है। सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ और समर्थन मूल्य धान खरीदी ऑपरेटर संघ ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे 12 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे।

शुक्रवार को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि वे पहले भी कई बार शासन-प्रशासन को अपनी समस्याओं से अवगत करा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। कर्मचारियों ने साफ कहा है कि अगर सरकार ने जल्द समाधान नहीं निकाला, तो वे आगामी धान खरीदी का बहिष्कार करेंगे। इससे राज्यभर में धान खरीदी प्रक्रिया बाधित हो सकती है, जिसका सीधा असर लाखों किसानों पर पड़ेगा।
संघ की मुख्य मांगों में समितियों को परिवहन, सुखत की पूरी राशि, शॉर्टेज प्रोत्साहन और अन्य खर्चों का भुगतान शामिल है। साथ ही आउटसोर्सिंग नीति खत्म कर कर्मचारियों को नियमित करने, समितियों को मध्यप्रदेश की तरह तीन लाख रुपये वार्षिक प्रबंधकीय अनुदान देने और भविष्य निधि, महंगाई भत्ता व ईएसआईसी जैसी सुविधाएं लागू करने की मांग की गई है।
महासंघ ने चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति भी तय की है—24 अक्टूबर को जिला स्तरीय रैली और ज्ञापन, 28 अक्टूबर को प्रदेश स्तरीय “महा हुंकार रैली”, और 3 से 11 नवंबर तक संभाग स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। संगठन का कहना है कि यदि 12 नवंबर से पहले सरकार ने उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं लिया, तो वे धान खरीदी प्रक्रिया का पूर्ण बहिष्कार करेंगे, जिससे पूरे राज्य की खरीदी व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।









