बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा
बस्तर के 8 थाना क्षेत्रों में हुई ताबड़तोड़ कार्रवाई
जगदलपुर। दीपावली और जुए का अटूट रिश्ता है, मगर इस रिश्ते में दीवार बन जाती है पुलिस। हर साल लाखों रुपयों के जुए के ढेरों मामले पकड़े जाते हैं। इस साल भी बस्तर पुलिस ने जुआरियों के रंग में भंग डाल दिया। विभिन्न थाना क्षेत्रों में पुलिस ने डेढ़ सौ से भी अधिक जुआरी पकड़े और जुए के फड़ों से करीब सवा दो लाख रुपए बरामद किए।
बस्तर के पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा के मार्गदर्शन में अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए गए अभियान के तहत जिले के 8 थाना क्षेत्रों में 155 जुआरियों को गिरफ्तार कर 2 लाख 23 हजार 990 रूपये नगद बरामद किए गए हैं। जगदलपुर कोतवाली एवं भानपुरी थाने में जुए के 7-7 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। तो वहीं बोधघाट थाने में सबसे अधिक 14 प्रकरण दर्ज कर 42 जुआरियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। 15 से 21 अक्टूबर के बीच 8 थानों में 47 प्रकरण दर्ज किए गए। वहीं कई थानों की पुलिस जुआरियों तक पहुंचने में नाकाम रही। जिसमें सीमावर्ती राज्य के करपावंड थाना पुलिस को भी कोई सफलता हाथ नहीं लगी।जबकि सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उड़ीसा से कई बड़े जुआरी का फड़ सजा कर और लाखों का जुआ खेल कर सकुशल लौट गए। पुख्ता जानकारी के आधार पर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में एकसाथ छापेमारी की गई। इस अभियान के दौरान 47 प्रकरण दर्ज कर 155 जुआरियों को गिरफ्तार किया गया तथा उनके कब्जे से 2 लाख 23 हजार 990 रुपए बरामद किए गए हैं।दीपावली पर्व के दौरान कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया गया, ताकि किसी भी प्रकार की अवैध अथवा समाज विरोधी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा के निर्देशन में बस्तर पुलिस द्वारा ऐसे अवैध कार्यों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध सखूत कार्रवाई की जा रही है। बस्तर पुलिस की यह कार्रवाई जनशांति एवं अपराध-मुक्त समाज के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
करपावंड में हो गया कांड
दीपावली पर जुए का दौर तो पूरे बस्तर जिले में चलता रहा। सरहदी क्षेत्र होने के कारण करपावंड थाना क्षेत्र में जुए का दौर पूरे शबाब पर रहा। बस्तर संभाग के बस्तर सहित अन्य जिलों के जुआरियों का यहां चले जुए के फड़ों में जमघट लगा ही था, बड़ी संख्या में ओड़िशा के जुआरी भी यहां दांव लगाने पहुंचे थे। सूत्र बताते हैं कि करपावंड थाना क्षेत्र में दीपावली के पहले से जुए के फड़ लगना शुरू हो गए थे और अब भी कई स्थानों पर जुआ चल रहा है। यहां लाखों रुपयों के दांव लगाए गए। पुलिस ने इक्का दुक्का मामले पकड़े थे, लेकिन रुपयों को हड़प कर जुआरियों को छोड़ दिया गया। वहीं बड़े फड़ों से हजारों में सेटिंग कर ली गई थी, लिहाजा वहां जुआ खेल रहे लोगों को पुलिस की ओर से पूरी तरह अभयदान दे दिया गया था। इसमें करपावंड थाना प्रभारी की भूमिका को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। जिले के सभी थाना क्षेत्रों में जुए के मामले पकड़े गए, मगर इकलौता करपावंड थाने में जुए का एक भी मामला पंजीबद्ध नहीं होना कई सवाल खड़े करता है। सूत्र बताते हैं कि करपावंड के कुछ सरहदी गांवों में बारहों माह जुआ और खुड़खुड़िया का खेल चलता है। इसके एवज में बंधी बंधाई रकम थाना पहुंचाई जाती है। पुलिस अधीक्षक से इस क्षेत्र में चल रही अनैतिक गतिविधियों पर रोक लगाने तथा करपावंड थाना प्रभारी की भूमिका की जांच कराने की मांग क्षेत्र के ग्रामीणों ने की है।









