कोरबा संवाददाता – योगेन्द्र राठौर
कोरबा। कोरबा जिले के उरगा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम फरसवानी के आश्रित ग्राम संजयनगर में एक माह पहले हुई चोरी की वारदात अब तक रहस्य बनी हुई है। 27 सितंबर की रात नवरात्रि के दौरान हुई इस बड़ी चोरी की गुत्थी को सुलझाने में उरगा पुलिस अब तक नाकाम रही है। इससे क्षेत्र के लोगों में गहरा आक्रोश है।
उस रात अज्ञात चोरों ने समाजसेवी एवं भाजपा युवा मोर्चा मंडल बरपाली के मंत्री राकेश श्रीवास के घर को निशाना बनाया था। राकेश श्रीवास, जो “रक्तवीर” और “देहदानी समाजसेवी” के रूप में जाने जाते हैं, अब तक 29 बार रक्तदान कर चुके हैं और करीब 25 हजार मरीजों को निशुल्क रक्त उपलब्ध करा चुके हैं। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि हजारों जिंदगियाँ बचाने वाले इस समाजसेवी का ही घर चोरों ने लूट लिया।

चोरों ने उनके घर से सोना, चांदी और नगदी सहित लाखों रुपये का सामान पार कर दिया। यही नहीं, उसी रात उनके पड़ोसी भाजपा कार्यकर्ता नंदलाल केवट के घर में भी चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया। दोनों घटनाओं ने पूरे फरसवानी क्षेत्र में सनसनी फैला दी।
शिकायत के बाद उरगा पुलिस ने कई संदिग्धों से पूछताछ की, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला। एक महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि “फरसवानी क्षेत्र में लगातार हो रही चोरियों से लोग भय में जी रहे हैं।” लोगों का भरोसा अब कानून व्यवस्था से उठता जा रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।
अब सवाल यह है कि क्या उरगा पुलिस इस चोरी की गुत्थी को सुलझा पाएगी, या यह मामला भी उन अधूरी फाइलों में दबकर रह जाएगा, जिनका अंत आज तक नहीं हुआ?









