नई दिल्ली। चार दिवसीय आस्था पर्व छठ पूजा का समापन मंगलवार सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ हुआ। देशभर में श्रद्धालुओं ने जलाशयों और नदियों में खड़े होकर सूर्यदेव और छठी मइया की पूजा-अर्चना की। राजधानी दिल्ली सहित देश के कई राज्यों में लाखों श्रद्धालु घाटों पर उमड़े, वहीं प्रवासी भारतीयों ने ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, यूके और दुबई जैसे देशों में भी पूरे पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ यह पर्व मनाया।
दिल्ली में 1300 से अधिक घाटों पर छठ की धूम
दिल्ली सरकार और नगर निगम ने इस वर्ष श्रद्धालुओं के लिए राजधानी में 1300 से अधिक घाटों पर विशेष व्यवस्थाएँ कीं। यमुना किनारे बनाए गए 17 मॉडल घाटों पर स्नान और पूजा के लिए सुरक्षा, स्वच्छता और प्रकाश की बेहतरीन सुविधाएँ उपलब्ध कराई गईं। घाटों पर तंबू, पेयजल, मोबाइल शौचालय और चिकित्सा केंद्र भी लगाए गए थे।
दिल्ली पुलिस ने घाटों के आसपास ट्रैफिक और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष इंतजाम किए थे। अनुमानित रूप से लाखों श्रद्धालु सोमवार की शाम संध्या अर्घ्य और मंगलवार सुबह उषा अर्घ्य देने पहुंचे।
छठ पूजा सूर्य देवता और छठी मइया की आराधना का पर्व है, जो चार दिनों तक चलता है—
1. नहाय-खाय: पहले दिन व्रती पवित्र स्नान कर सात्विक भोजन ग्रहण करते हैं।
2. खरना: दूसरे दिन पूरे दिन निर्जला व्रत के बाद शाम को गुड़-चावल की खीर और रोटी का प्रसाद चढ़ाया जाता है।
3. संध्या अर्घ्य: तीसरे दिन सूर्यास्त के समय जल में खड़े होकर सूर्य देव को पहला अर्घ्य दिया जाता है।
4. उषा अर्घ्य: अंतिम दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद व्रत का पारण किया जाता है।

यमुना घाटों पर उमड़ा जनसैलाब, प्रशासन सतर्क
दिल्ली के कालिंदी कुंज, मयूर विहार, वज़ीराबाद, सोनिया विहार और आईपी एक्सटेंशन जैसे प्रमुख घाटों पर सुबह से ही व्रती महिलाएँ और उनके परिवारजन जुटने लगे थे। श्रद्धालुओं ने पानी में खड़े होकर सूर्य की पहली किरण को अर्घ्य दिया और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
यमुना की स्वच्छता को लेकर भी प्रशासन ने विशेष निगरानी रखी। एनजीओ और नागरिक समूहों ने प्लास्टिक और रासायनिक प्रसाद सामग्री के उपयोग पर रोक लगाने की अपील की।
प्रधानमंत्री और नेताओं की शुभकामनाएँ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को छठ पूजा की शुभकामनाएँ देते हुए ट्वीट किया, “छठी मइया सभी व्रतियों और उनके परिवारों पर अपनी कृपा बरसाएँ, समाज में सुख, समृद्धि और सद्भाव का वातावरण बना रहे।”
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी देशवासियों को इस पर्व की बधाई दी।
विदेशों में भी गूंजे छठी मइया के गीत
भारतीय प्रवासियों ने ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, कनाडा और यूके जैसे देशों में भी पारंपरिक तरीके से छठ पूजा मनाई। सिडनी, मेलबर्न, न्यूयॉर्क और लंदन में भारतीय समुदाय ने नदियों और कृत्रिम तालाबों के किनारे व्रत और अर्घ्य के आयोजन किए।
संयम, आस्था और पर्यावरण संदेश का पर्व
छठ पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि पर्यावरण और समाज में संतुलन का प्रतीक भी है। सूर्यदेव की उपासना के माध्यम से यह पर्व हमें प्रकृति और जल के महत्व की याद दिलाता है। दिल्ली और अन्य शहरों में व्रतियों ने इस बार ‘प्लास्टिक मुक्त छठ’ का संकल्प भी लिया।









