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चक्रवात ‘मोंथा’ का कहर: 5 जिलों में रेड अलर्ट, बस्तर में 80 किमी की रफ्तार से चलेगी हवा; रायपुर-दुर्ग-बिलासपुर संभाग में भी भारी बारिश के आसार

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रायपुर। बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवात मोंथा (Cyclone Montha) अब गंभीर रूप ले चुका है। मौसम विभाग (IMD) ने आने वाले तीन दिनों तक छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। आंध्र तट से होते हुए यह तूफान अब छत्तीसगढ़ के दक्षिणी हिस्सों की ओर बढ़ रहा है, जिससे राज्य के कई जिलों में इसका असर देखा जा सकेगा।
तीन दिन तक रहेगा असर, पांच जिलों में रेड अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक, 28 से 30 अक्टूबर तक राज्य में चक्रवात मोंथा का प्रभाव बना रहेगा।
दक्षिण बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर में तेज हवाओं और भारी बारिश की संभावना को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है।
इन इलाकों में हवा की गति 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
वहीं रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, कवर्धा, बिलासपुर और कोरबा जैसे मध्य व उत्तरी संभागों में भी अगले 48 घंटों में मध्यम से भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है।
IMD की चेतावनी – पेड़ और बिजली के खंभे गिरने का खतरा
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कहा है कि मोंथा वर्तमान में बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य भाग में सक्रिय है और इसका केंद्र आंध्र प्रदेश के काकीनाड़ा तट के करीब है। तूफान के असर से निचले इलाकों में पेड़ों के उखड़ने, बिजली के खंभे गिरने और कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
IMD ने नागरिकों से अपील की है कि अगले तीन दिनों तक अनावश्यक यात्रा से बचें, तथा खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे न जाएं।
आंध्र प्रदेश में लैंडफॉल, छत्तीसगढ़ में पहुंचा प्रभाव
सोमवार देर रात काकीनाड़ा और मछलीपट्टनम के बीच चक्रवात मोंथा ने समुद्र तट से टकराते हुए गंभीर तूफान का रूप ले लिया। आंध्र के तटीय जिलों—कृष्णा, वेस्ट गोदावरी, काकीनाड़ा और विशाखापट्टनम—में भारी बारिश हुई। कई उड़ानें और रेल सेवाएं रद्द करनी पड़ीं।
अब इसका असर उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए छत्तीसगढ़ के दक्षिणी इलाकों तक पहुंच रहा है। बस्तर क्षेत्र में सुबह से ही तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी है।
प्रशासन हुआ अलर्ट, राहत दल तैनात
छत्तीसगढ़ राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सभी जिलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
राहत एवं बचाव दलों (SDRF और NDRF) को बस्तर और बीजापुर में तैनात किया गया है।
निचले और नदी किनारे के इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
बिजली विभाग को चौकसी बढ़ाने और आवश्यक आपूर्ति के बैकअप इंतजाम करने के आदेश दिए गए हैं।
कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि पकी फसलों को जल्द से जल्द कटवाकर सुरक्षित स्थानों पर रख लें।
रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर में बौछारों का दौर जारी रहेगा
राजधानी रायपुर सहित दुर्ग और बिलासपुर संभागों में मंगलवार से हल्की से मध्यम बारिश शुरू हो गई है। अगले दो दिन तक रुक-रुक कर बारिश और गरज-चमक के साथ तेज हवा चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने बिजली गिरने की चेतावनी भी दी है।
मौसम विशेषज्ञों की राय
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मोंथा का असर अगले 72 घंटों में धीरे-धीरे कम होगा। हालांकि, इससे प्रदेश में मौसमी ठंड की शुरुआत हो सकती है। विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि तूफान के कारण हवा में नमी बढ़ेगी, जिससे नवंबर के पहले सप्ताह में तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी।

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