मॉस्को। रूस और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बड़ा फैसला लेते हुए अमेरिका के साथ हुआ प्लूटोनियम निपटान समझौता रद्द कर दिया है। इस समझौते के तहत दोनों देशों को हथियारों में इस्तेमाल होने वाले प्लूटोनियम को नष्ट करना था। पुतिन के इस कदम को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए एक सीधा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
रूस की संसद ने इस कानून को इसी महीने की शुरुआत में मंजूरी दी थी, जिसके बाद अब राष्ट्रपति ने इस पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। माना जा रहा है कि यह निर्णय रूस-अमेरिका के बीच बढ़ते कूटनीतिक तनाव की अगली कड़ी है।
2000 में हुआ था समझौता
अमेरिका और रूस के बीच यह समझौता सितंबर 2000 में हुआ था, जिसके तहत दोनों देशों ने 34 टन हथियार-ग्रेड प्लूटोनियम को नष्ट करने पर सहमति जताई थी। हालांकि, 2016 में रूस ने इसे निलंबित कर दिया था। अब पुतिन ने इसे पूरी तरह खत्म करने की घोषणा कर दी है।
एक दिन पहले रूस ने की थी ऐतिहासिक मिसाइल टेस्टिंग
रूस के इस फैसले से ठीक एक दिन पहले देश ने दुनिया की पहली परमाणु-संचालित क्रूज मिसाइल “बुरेवस्तनिक-9M739” का सफल परीक्षण किया था।
रूसी सेना प्रमुख वैलेरी गेरेसिमोव के मुताबिक, मिसाइल ने करीब 15 घंटे की उड़ान भरी और इस दौरान 14,000 किलोमीटर की दूरी तय की। उन्होंने बताया कि यह मिसाइल इससे भी अधिक दूरी तय करने में सक्षम है।
राष्ट्रपति पुतिन ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए इस परीक्षण की पुष्टि करते हुए कहा कि “दुनिया में किसी भी देश के पास ऐसी तकनीक नहीं है। यह रूस की रक्षा क्षमताओं को नई दिशा देगी।”
बढ़ते तनाव के बीच बड़ा कदम
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच यह कदम अमेरिका सहित पश्चिमी देशों के लिए चिंता का विषय बन गया है। अमेरिका और उसके सहयोगी देश लगातार यूक्रेन का समर्थन कर रहे हैं, जबकि रूस ने अपने परमाणु बलों को हाई अलर्ट पर रखा हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि रूस का यह कदम नए शीत युद्ध जैसी स्थिति को जन्म दे सकता है, जिससे वैश्विक सुरक्षा संतुलन प्रभावित हो सकता है।









