नई दिल्ली-
राजधानी दिल्ली में बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड और UPI ठगी के मामलों के बीच दिल्ली पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। 1 नवंबर 2025 से दिल्ली में साइबर अपराधों के लिए e-FIR सिस्टम शुरू किया जा रहा है। इस नई सुविधा के तहत अब किसी भी व्यक्ति को साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराने के लिए साइबर सेल या किसी विशेष इकाई के पास जाने की जरूरत नहीं होगी — अब नजदीकी थाने में ही e-FIR दर्ज कराई जा सकेगी।
क्या है नई व्यवस्था?
पहले यह सुविधा केवल 10 लाख रुपये या उससे अधिक की ठगी के मामलों तक सीमित थी, लेकिन अब 1 लाख रुपये या उससे अधिक की ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक से फ्रॉड या बैंक खाते से अनधिकृत लेनदेन जैसे मामलों में भी इसका लाभ मिलेगा।
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि इस प्रणाली का उद्देश्य शिकायत प्रक्रिया को तेज, सरल और पीड़ित-केंद्रित बनाना है। समय पर e-FIR दर्ज होने से ठगी की रकम को बैंक और तकनीकी एजेंसियों के माध्यम से ट्रेस या ब्लॉक करने की संभावना बढ़ जाएगी।
शिकायत कैसे दर्ज करें?
अपने नजदीकी थाने में मौजूद इंटीग्रेटेड हेल्प डेस्क पर जाएं।
यदि ठगी की राशि 1 लाख रुपये या उससे अधिक है, तो पुलिस वहीं पर e-FIR दर्ज करेगी।
इसके बाद केस की जांच संबंधित साइबर पुलिस स्टेशन, क्राइम ब्रांच, या IFSO यूनिट (Intelligence Fusion & Strategic Operations) द्वारा की जाएगी।
नई व्यवस्था से शिकायत दर्ज करने में देरी नहीं होगी, और ठगे गए पैसों को वापस पाने की संभावना बढ़ जाएगी।
लोगों को मिलेगा बड़ा फायदा
इस सिस्टम से अब लोगों को न केवल थानों में सीधी पहुंच मिलेगी, बल्कि जांच की गति भी बढ़ेगी। इससे
ठगे गए पैसों की रिकवरी की संभावना अधिक होगी,
अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी में तेजी आएगी,
और आम जनता का पुलिस पर भरोसा और मजबूत होगा।
पहले लोगों के पास केवल दो विकल्प थे —
1) राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करना या
2) cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराना।
अब थानों में e-FIR की सुविधा मिलने से प्रक्रिया और आसान हो जाएगी।
दिल्ली पुलिस की अपील
किसी भी संदिग्ध लिंक, कॉल या मैसेज पर विश्वास न करें।
ठगी का संदेह होते ही तुरंत 1930 पर कॉल करें।
UPI और बैंक ट्रांजैक्शन के सबूत सुरक्षित रखें।
साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूक और सतर्क रहें।









