हर वर्ष 1 नवंबर को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। यह दिन प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, जनजातीय परंपराओं और विकास यात्रा को समर्पित होता है। 1 नवंबर 2000 को मध्यप्रदेश से अलग होकर छत्तीसगढ़ भारत का 26वां राज्य बना। तब से यह दिन छत्तीसगढ़ के आत्मगौरव और पहचान का प्रतीक बन चुका है।
इतिहास और उद्देश्य:
छत्तीसगढ़ की मांग लंबे समय से चल रही थी। भाषा, संस्कृति, रहन-सहन और भौगोलिक पहचान के आधार पर अलग राज्य की आवश्यकता महसूस की गई थी। जनता की भावनाओं और आंदोलन के बाद केंद्र सरकार ने इसे एक नया राज्य बनाने का निर्णय लिया।
संस्कृति और पहचान:
छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध लोक संस्कृति, नृत्य, संगीत, हस्तशिल्प और पर्वों के लिए प्रसिद्ध है। यहां की प्रमुख लोक कलाएं — पंथी, सुआ, करमा नृत्य, और राऊत नाचा — राज्य की सांस्कृतिक पहचान हैं।
विकास की राह:
राज्य बनने के बाद छत्तीसगढ़ ने शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, सड़क, कृषि और औद्योगिक विकास में उल्लेखनीय प्रगति की है। बस्तर से लेकर सरगुजा तक विकास की किरणें पहुंच रही हैं।
राज्योत्सव 2025 की झलक:
इस वर्ष 25वां रजत जयंती राज्योत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान और अन्य जिलों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, शिल्प मेले, सम्मान समारोह और प्रदर्शनी आयोजित की जा रही है। प्रसिद्ध कलाकारों की प्रस्तुति से राज्य की कला और संस्कृति को नई ऊंचाइयां मिल रही हैं।









