रायपुर संवाददाता – रघुराज
छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के दिन कांग्रेस (जे) प्रमुख अमित जोगी ने राज्य सरकार पर हाउस अरेस्ट करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जब वे नए विधानसभा भवन से ‘मिनी माता’ का नाम हटाए जाने के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की तैयारी कर रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें उनके घर से बाहर निकलने नहीं दिया।
अमित जोगी ने इस घटना की जानकारी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से दी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव सहाय को टैग करते हुए लिखा कि उन्हें बिना किसी वारंट के घर में नजरबंद कर दिया गया है। जोगी ने सवाल उठाया कि क्या राज्य सरकार इतनी कमजोर है कि वह शांतिपूर्ण विरोध को भी बर्दाश्त नहीं कर पा रही।
उन्होंने कहा कि ‘मिनी माता’ का नाम हटाना महिला सम्मान और आदिवासी समाज के योगदान का अपमान है। उन्होंने सरकार से तुरंत विधानसभा का नाम दोबारा ‘मिनी माता विधानसभा भवन’ करने की मांग की। जोगी ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण था, फिर भी प्रशासन ने अनुचित तरीके से उनकी आवाज दबाने की कोशिश की।
इसके विपरीत, पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जोगी की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एहतियाती कदम उठाए गए हैं। वहीं, सत्तारूढ़ दल के प्रवक्ताओं ने आरोप लगाया कि जोगी राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहे हैं।
राज्योत्सव के अवसर पर यह मामला राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। एक ओर विपक्षी दल जनता कांग्रेस (जे) इसे लोकतंत्र पर हमला बता रही है, तो दूसरी ओर सरकार का कहना है कि किसी को भी कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती।









