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कल से काली पट्टी बांध कर विरोध जताएंगे शिक्षक, 7 को संभाग भर की शालाओं में तालाबंदी

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बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा

संयुक्त संचालक के खिलाफ फूटा आक्रोश 
 7 नवंबर की आक्रोश रैली में शामिल होंगे 10 हजार से भी ज्यादा शिक्षक 

जगदलपुर। बस्तर संभाग के संयुक्त संचालक (शिक्षा) राकेश पाण्डेय के विरुद्ध संभाग के सभी शिक्षक संगठन लामबंद हो गए हैं। शिक्षकों ने चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर ली है। इसके तहत 3 व 4 नवंबर को पूरे संभाग के शिक्षक काली पट्टी बांध कर ड्यूटी करेंगे और 7 नवंबर को पूरे शालाओं में तालाबंदी होगी। जेडी भगाओ, बस्तर बचाओ के तहत धरना प्रदर्शन करने के लिए सभी शिक्षक लामबंद हो गए हैं। आंदोलन को शिक्षक आक्रोश रैली नाम दिया गया है।
आंदोलन को अन्य कर्मचारी संगठन भी पूर्ण समर्थन दे रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष किरण देव और बस्तर सांसद महेश कश्यप को संगठनों द्वारा ज्ञापन दिया जा चुका है।
शिक्षकों ने प्रताड़ित होकर 16 अक्टूबर को बिना किसी के आव्हान पर स्वप्रेरित होकर आत्मसम्मान के लिए जेडी राकेश पाण्डेय के विरुद्ध बस्तर कमिश्नर और बस्तर कलेक्टर को और अन्य ब्लाकों और जिलों में भी वहां के उच्च अधिकारियों को राकेश पांडे को तत्काल प्रभाव से हटाने हेतु पैदल मार्च कार्यालयों तक किया था। बावजूद आज तक जेडी को नहीं हटाया गया है। जिससे पूरे शिक्षक समाज में गहरी नाराजगी है। इसलिए वे 3 व 4 नवंबर को दो दिन काली पट्टी लगाकर कार्य करेंगे और विरोध दर्ज कराएंगे। शिक्षक संगठनों का कहना है कि जेडी राकेश पाण्डेय जहां भी रहे, उनका विवादों से नाता रहा है। रायपुर संभाग में जेडी रहते हुए खेलगाड़िया महा घोटाले में भी बहुत चर्चित हुए थे। फिर एक जगह से हटे तो आतिशबाजी तक हुई।

बस्तर में जब पोस्टिंग हुई तो शिष्टाचार भेंट करने के लिए कर्मचारी संगठन से भी उन्होंने बदसलूकी की। कर्मचारी हित में काम कर रहे एक संगठन के आवेदन को उठाकर फेंक दिया और बड़ी बदसुलूकी की। कर्मचारी नेताओं से उन्होंने कहा ज्ञापन लाने से अच्छा अपनी डेली डायरी लेकर आना। अगली बार और मुझे ज्ञापन देकर मुझे काम करना मत सिखाना। दोबारा आओगे तो मेरे ऑफिस में जींस पहन कर और मोबाइल लेकर मत आना।

जेडी की बैठक का बहिष्कार
शिक्षक व कर्मचारी संगठनों ने 3 नवंबर को संयुक्त संचालक द्वारा आहूत बैठक का भी बहिष्कार कर दिया है। कर्मचारी संगठन के नेताओं ने कहा जो शिक्षकों से मातृ शक्तियों से अभद्रता पूर्ण बात करते हैं, शिक्षकों को प्यून, स्वीपर कहते हैं और बच्चो के सामने अपमानित करते हैं, वो शिक्षकों का क्या भला करेंगे? उनके द्वारा अभी शिक्षकों का प्रमोशन भी अपने आप को बचाने का फंडा है कि कर्मचारी संगठन आएं और फोटोशूट करा कर सबको साध लिया जाए। ऐसा प्रदर्शित करने का उद्देश्य है। उनके द्वारा कराए जाने वाले प्रमोशन में भी भ्रष्टाचार की बू आ रही है। वहां भी कर्मचारी संगठन बस्तर कमिश्नर से सहायता मांग पारदर्शिता से करवाने और जेडी राकेश पांडे को प्रमोशन से दूर रखने की मांग करने वाले हैं।

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