बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा
समाज ने किया वापस हुए लोगों का पारंपरिक तरीके से स्वागत
माहरा समाज जुटा अपने भटके परिवारों का हृदय परिवर्तन कराने में
जगदलपुर। शाम का भूला घर लौट आए, तो उसे भूला नहीं कहा जाता। कुछ ऐसा ही इन दिनों बस्तर संभाग में चल रहा है। राह भटक चुके लोगों की आंखें देर से ही सही, अब खुल चुकी हैं। मतांतरित हो चुके लोग अब तेजी से अपने मूल धर्म को पुनः आत्मसात करने लगे हैं।

जगदलपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत हाटगुड़ा में माहरा समाज नौगांव परगना के एक परिवार के दो सदस्यों की घर वापसी हुई है। जानकारी के अनुसार रजो नाग (45 वर्ष) और कुमारी नाग (20 वर्ष) पिछले पां lच वर्षों से ईसाई धर्म में मतांतरित थे। समाज के सतत प्रयासों और समझाइश के बाद दोनों ने पुनः अपने मूल हिंदू धर्म को अपना लिया है। यह घर वापसी कार्यक्रम माहरा समाज के नेतृत्व में संपन्न हुआ, जिसमें समाज के वरिष्ठजन, पदाधिकारी और ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। माहरा समाज के पदाधिकारियों ने कहा है कि धर्म, संस्कृति और परंपरा से जुड़ाव ही समाज की पहचान और अस्तित्व की नींव है। उन्होंने कहा कि अपने मूल संस्कारों और परंपराओं को जीवित रखना ही समाज की असली शक्ति है। घर वापसी के बाद समाजजनों ने पारंपरिक विधि से परिवार का स्वागत किया और उन्हें पुनः समाज में सम्मिलित किया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित जनों ने सामाजिक एकता, भाईचारा और परस्पर सहयोग बनाए रखने का संकल्प लिया। इस अवसर पर माहरा समाज के संभागीय अध्यक्ष राजू बघेल, जिला पदाधिकारी विनय सोना, कन्हैया सोना, गणेश नागवंशी, घनश्याम नाग, नवल सिंह, आकाश कश्यप, अमल बेस एवं समाज के नाइक-पाईक कैलाश, सैमसंग, वामन, मनोरथ चालकी, ग्राम के प्रमुख पीलादास, दुर्लभ, चमन, संग्राम, गुड्डू, रामदास आदि उपस्थित थे।









