सक्ती संवाददाता – दीपक ठाकुर
सक्ती। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान एक ऐसा भावनात्मक क्षण सामने आया जिसने पूरे कार्यक्रम का माहौल आत्मीयता और गर्व से भर दिया। जनसभा के बीच जब आदिवासी समाज की महिला प्रतिनिधि श्रीमती विद्या सिदार पारंपरिक वेशभूषा में आगे बढ़ीं, तो उन्होंने प्रधानमंत्री को झुककर “जय जोहार” कहकर अभिवादन किया।
उनका यह पारंपरिक प्रणाम और आत्मीय भाव देखकर प्रधानमंत्री समेत मंच पर मौजूद सभी लोग भावुक हो उठे। श्रीमती सिदार का परिधान, गहने और सिर पर बंधा फेटा — सब कुछ छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति की जीवंत झलक पेश कर रहा था।
सभा में मौजूद लोगों ने इस दृश्य को “छत्तीसगढ़ की असली पहचान” बताया। कुछ ही क्षणों में यह दृश्य पूरे पंडाल में चर्चा का विषय बन गया।
श्रीमती विद्या सिदार ने इस मौके पर कहा —
> “प्रधानमंत्री जी ने हमेशा हमारे समाज की परंपराओं को सम्मान दिया है। ‘जय जोहार’ सिर्फ अभिवादन नहीं, यह हमारी आत्मा और अस्मिता का प्रतीक है।”
उनकी यह सहज परंतु भावनाओं से भरी अभिव्यक्ति ने वातावरण में गर्व, आत्मसम्मान और सांस्कृतिक गौरव का भाव जगा दिया।
इस आत्मीय क्षण ने न केवल प्रधानमंत्री के दौरे को यादगार बना दिया, बल्कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति को राष्ट्रीय पटल पर फिर से चमका दिया।









