रायपुर संवाददाता – रघुराज
विश्व कप विजय समारोह में एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने करोड़ों भारतीयों का दिल छू लिया। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उपकप्तान स्मृति मंधाना ने अपनी घायल साथी प्रतिका रावल को व्हीलचेयर पर बैठाकर स्टेज तक पहुंचाया ताकि वह स्वयं अपना विजेता पदक प्राप्त कर सकें।
प्रतिका रावल, जिन्होंने टूर्नामेंट के दौरान शानदार प्रदर्शन किया था, फाइनल से पहले चोटिल हो गई थीं और मैच नहीं खेल सकीं। इसके बावजूद, टीम की सफलता में उनका योगदान और टीम के प्रति समर्पण सभी के लिए प्रेरणादायक रहा। जब पुरस्कार वितरण शुरू हुआ, तो स्मृति मंधाना खुद आगे बढ़कर प्रतिका को स्टेज पर लेकर आईं। यह दृश्य न केवल खेल भावना का प्रतीक बना बल्कि पूरी दुनिया को भारतीय टीम की एकता और आपसी सम्मान का संदेश भी दिया।
स्मृति मंधाना के इस कदम ने दर्शाया कि खेल केवल जीत और हार का नाम नहीं, बल्कि एक-दूसरे के साथ खड़े रहने की भावना है। जैसे ही प्रतिका ने ट्रॉफी छुई, स्टेडियम तालियों से गूंज उठा और सभी की आंखें नम हो गईं। सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया और प्रशंसकों ने इस हृदयस्पर्शी क्षण को “टीम इंडिया का सच्चा गर्व” बताया।
इस घटना ने यह भी साबित किया कि ट्रॉफी से ज्यादा मूल्यवान है टीम की आत्मा और एक-दूसरे के प्रति सम्मान। स्मृति और प्रतिका की यह तस्वीर अब भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे भावनात्मक पलों में दर्ज हो चुकी है — एक ऐसी छवि जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बन जाएगी।









