भरतपुर संवाददाता – जवाहर यादव
राशन कार्ड रद्दीकरण को लेकर भड़के ग्रामीण, बोले — बिना सूचना कार्ड निरस्त, विक्रेता ने नहीं दिया चावल
भरतपुर।
भरतपुर के वनांचल क्षेत्र से एक बार फिर पंचायत की मनमानी का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत के सचिव और सरपंच पर मिलीभगत कर मनमानी करने का गंभीर आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि जिन परिवारों की बहन-बेटियां इस गांव की हैं और जो लंबे समय से (70–75 वर्षों से) यहां निवासरत हैं, उनके राशन कार्ड भी रद्द कर दिए गए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत द्वारा अब तक रद्द राशन कार्डों की सूची पंचायत भवन में चश्पा (प्रदर्शित) नहीं की गई है। जनपद सदस्य रीना सिंह जब क्षेत्र भ्रमण पर पहुंचीं, तो ग्रामवासियों ने उनके समक्ष अपने रद्द किए गए राशन कार्ड दिखाकर शिकायत दर्ज कराई।

इस पर जनपद सदस्य रीना सिंह ने जनपद सीईओ को आवेदन लिखते हुए मांग की है कि प्रत्येक रद्द किए गए राशन कार्ड का कारण स्पष्ट करते हुए ग्राम पंचायत में सार्वजनिक रूप से चश्पा किया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि स्थिति इतनी गंभीर है कि जब राशन कार्डधारी चावल लेने पहुंचते हैं, तो उन्हें मौके पर बताया जाता है कि उनका कार्ड रद्द कर दिया गया है — वह भी बिना किसी पूर्व सूचना के।
अब देखना यह होगा कि इस खबर का क्या असर होता है — क्या जांच के बाद कार्रवाई होगी या फिर यह मामला भी खानापूर्ति में ही दब जाएगा।









